
सत्यवीर सिंह के कार्यकाल में कांडो के निष्पादन में प्रक्षेत्र में सबसे नीचे रहा दरभंगा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: दरभंगा प्रक्षेत्र का पुलिस मुख्यालय भी है। प्रक्षेत्र के आईजी तक का मुख्यालय है। जिले के पूर्व एसएसपी सत्यवीर सिंह की छवि एक ईमानदार और कड़क आइपीएस की रही है। परंतु उनके प्रयासों के वाबजूद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे निश्चित तौर पर चौकाने वाले हैं। पुलिस का मुख्य काम है कांडों का अनुसंधान। पुलिस के आला पदाधिकारियों की बैठक में वैज्ञानिक अनुसंधान पर विशेष बल दिया जाता है। सही इंवेस्टिगेशन के माध्यम से अपराधियों के तह तक जाई जा सकती है। लेकिन दरभंगा पुलिस प्रक्षेत्र के दस जिलों में अनुसंधान की रफ्तार काफी धीमी है। रिपोर्ट के मुताबिक दस जिलों में अनुसंधान के लिए 17937 मामले लंबित हैं, जिसमें एसआर व
ननएसआर केसों की संख्या क्रमश: 11052 व 6885 है। कांडों के अनुसंधान में लेटलतीफी में दरभंगा पहले पायदान पर है। कुल 2415 मामले लंबित हैं। जिसमें एसआर व ननएसआर केसों की संख्या क्रमश: 1609 व 806 है। रिपोर्ट से स्पष्ट प्रतीत होता है कि लंबित एसआर केसों की संख्या नन एसआर केसों की तुलना में तकरीबन दोगुना है। दूसरे नंबर में समस्तीपुर, तीसरे नंबर पर अररिया है। सबसे बेहतर स्थिति किशनगंज की है। यहां 830 मामले लंबित हैं।

