
नैक ग्रेड में इम्प्रूवमेन्ट केलिए अपील करेगा मिथिला विवि। Voice of Darbhanga

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आई.क्यू.ए.सी की बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर आईक्यूएससी कॉर्डिनेटर डॉ. रतन कुमार चौधरी ने छ: बिन्दुओं की कार्यसूची पर प्रकाश डाला. डॉ. चौधरी ने सदन को बताया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का एक्यूएआर 2016-17 में सभी स्नातकोत्तर विभागों से मांगी गई. सूचनाओं में एकरूपता तथा वांछित सूचनाओं में कमी होने के कारण ए0क्यू0ए0आर0 तैयार नहीं हो सका. इस मामले को कुलपति ने गंभिरता से लेते हुए सभी स्नातकोत्तर विभाग के विभागाध्यक्षों तथा स्ववित्तपोषित संस्थानों के निदेशक की एक आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का एक्यूएआर (2016-17) 15-20 मई 2018 तक नैक को प्रेषित कर देना है. डॉ. चौधरी ने सदन को बताया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का नैक मूल्यांकन का ह्यबीह्ण ग्रेड के वैद्यता की अवधि जून 2015 से जून 2020 तक की है, परन्तु ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को अपेक्षा से कम 2.46 सी.जी.पी.ए प्राप्त है. जिसके कारण आने वाले समय में केन्द्रीय सहायता जैसे रूसा, यूजीसी आदि से अनुदान प्राप्त करना कठिन हो सकता है. इन्होंने प्रस्ताव दिया कि नैक के गाइडलाईन के तहत ग्रेड इम्प्रूवमेंट के लिए पूनर्मुल्यांकन के प्रावधान के अनुरूप विश्वविद्यालय को अहर्ता प्राप्त है तथा इसके लिए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा तैयारी की जा सकती है. जिसे सदन ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया. नैक पिअर टीम द्वारा पूर्व में दिए गए प्रतिवेदन तथा अनुशंसाओं के बिन्दुओं पर कार्य कर पूनर्मुल्यांकन कराए जाने का प्रावधान है अत: इस हेतु एक कमिटी गठित की जाए जो प्रतिवेदन एवं अनुशंसाओं को जांच कर एक प्रगति प्रतिवेदन एवं आवश्यक सूझाव आईक्यूएसी को आवश्यक कार्यार्थ समर्पित करेंगे. डॉ. सरदार अरविन्द सिंह, निदेशक, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय ने एसएसआर तैयारी हेतु सात मापदंडों के लिए अलग-अलग 7 सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव दिया जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया. विचार-विमर्श के दौरान यह भी बात स्पष्ट हुई कि नैक ने मूल्यांकन प्रक्रिया में आमूल परिवर्तन किया है यह प्रक्रिया अधिकांशत: आॅनलाईन डाटा भरने, इसकी जांच करने और अन्य कई बिन्दुओं पर बृहत जानकारी के साथ पूर्ण करना होता है. बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. जयगोपाल के अलावे संबंधित अधिकारी मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. मुस्तफा कमाल अंसारी ने किया.

