Home मुख्य थाना परिसर में दिनदहाड़े ऑनड्यूटी थानाध्यक्ष की पिटाई के वाबजूद कारवाई जाँच के नाम पर टला! Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - May 18, 2018

थाना परिसर में दिनदहाड़े ऑनड्यूटी थानाध्यक्ष की पिटाई के वाबजूद कारवाई जाँच के नाम पर टला! Voice of Darbhanga

दरभंगा: शुक्रवार को एक ऑन ड्यूटी थानाध्यक्ष के साथ थाना परिसर में आरोपी पक्ष के लोगो द्वारा मारपीट के वाबजूद कोई ठोस त्वरित कारवाई नही होना और मामले का आवेदन दोनो पक्षों से लेकर मामला जाँच पर टालना चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना शहर के हकीमो के बीच बने लहेरियासराय थाना परिसर की है और घटना के पीड़ित बने सकतपुर थानाध्यक्ष रंजन कुमार। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सकतपुर थानाक्षेत्र के एक अपहृत युवती की बरामदगी के बाद उसका बयान कराने पहुँचे थानाध्यक्ष ने उक्त युवती को महिला थाना की अभिरक्षा में रखा था। इस दौरान आरोपी युवक के पक्ष के दो लोग वहाँ पहुँच कर युवती के परिजनों पर सुलह का दवाब दे रहे थे। दवाब नही मानने पर युवती के मामा को धमकी देते हुए हाथापाई पर उतारू हो गए थे। इसी बीच श्री कुमार ने उनलोगों को रोका तो उनमे से एक खुद को बड़े पुलिस अधिकारी का सम्बन्धी बता कर तथा दूसरा खुद को सुप्रीम कोर्ट का वकील बता कर श्री कुमार से उलझ पड़े। नौबत यहां तक पहुँच गयी कि उनलोगों ने श्री कुमार के साथ हाथापाई भी शुरू कर दी जबकि श्री कुमार वर्दी में ऑन ड्यूटी थे। थानाध्यक्ष रंजन कुमार को चोट भी आयी और उनका मोबाइल भी टूट गया। किसी तरह श्री कुमार वहां से भागे। बड़े पुलिस अधिकारी के भाई के धौंस के आगे पुलिस कर्मी भी सहमे नजर आये।
इस घटना पर कहीं न कहीं पुलिस पर दवाब तब नजर आया जब डीएसपी अनोज कुमार ने कहा कि आरोपी पक्ष से बात की गई है। दोनो तरफ से आवेदन दिया गया है। जाँच के बाद उचित कारवाई होगी।
अब सवाल यह उठता है कि क्या ऑनड्यूटी पुलिस वाले के साथ थाना परिसर में मारपीट यदि कोई साधारण व्यक्ति करता तो भी पुलिस का यही रवैया होता! यदि मामले गिरफ्तारी तक नहीं हुई और कारवाई जाँच के नाम पर टाली गयी तो निश्चित रूप से कहीं न कहीं पुलिस के उपर दवाब नजर आना लाजिमी है। साथ ही साथ लहेरियासराय जैसे प्रमुख थाना में यदि ऑन ड्यूटी पुलिस अधिकारी सुरक्षित नही है तो आमलोगों के साथ क्या होता होगा, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

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