Home मुख्य बड़ी लापरवाही: फर्जी एडमिशन लेकर ग्यारहवीं के पाँच दर्जन छात्राओं का भविष्य डाला खतरे में। Voice of Darbhanga
मुख्य - May 18, 2018

बड़ी लापरवाही: फर्जी एडमिशन लेकर ग्यारहवीं के पाँच दर्जन छात्राओं का भविष्य डाला खतरे में। Voice of Darbhanga

दरभंगा: एकतरफ जहां सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को जोर शोर से चला रही है और इसके लिए तमाम सहूलियतें प्रदान कर रही है, वही दूसरी तरफ एक विद्यालय में फर्जी एडमिशन लेकर पाँच दर्जन छात्राओं का भविष्य अंधेरे में डालने का मामला प्रकाश में आया है। जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के रामपुरा प्लस टू गर्ल्स हाई स्कूल में ग्यारहवीं की परीक्षा के लिए पहुंची छात्राओं को मालूम चला कि उनका एडमिशन ही अवैध ढंग से हुआ है। वह परीक्षा नहीं दे सकती। इस पर छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया। छात्राएं विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।
नीता कुमारी, अंजली कुमारी, नासिरा खातून, समसा खातून, रौनक कुमारी, साक्षी कुमारी, राधा कुमारी आदि छात्राओं ने बताया कि उनका नामांकन वर्ष सत्र 2017-19 के लिए आईए में किया गया था। लेकिन जब 11वीं की परीक्षा देने पहुंची तो उन्हें पता चला कि उनका नामांकन ही गलत ढंग से हुआ है। छात्राओं ने इसकी शिकायत एचएम देवनाथ प्रसाद से की।
छात्रों की शिकायत पर मौके पर पहुंचे चाइल्डलाइन के विमलेश चन्द्र सिंह, मनोहर झा ने विद्यालय के एचएम से इस संबंध में जानकारी ली। उन्हंे बताया गया कि विद्यालय में कला संकाय में 120 छात्रों के नामांकन की व्यवस्था सरकार ने कर रखी है। लेकिन उन्हें धोखे में रखकर 120 के बदले 180 छात्राओं का नामांकन कर लिया गया। अब छात्राओं का रजिस्ट्रेशन कराना एवं परीक्षा दिलाना कठिन काम बन गया है।
इस पर जब वॉयस ऑफ दरभंगा द्वारा प्रधानाध्यापक देवनाथ प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नामांकन की जिम्मेवारी क्लर्क की होती है। क्लर्क के नही रहने के कारण सहायक शिक्षक श्याम कुमार राय को प्रभार मिला था और उन्होंने एडमिशन ले लिया। नये प्रावधानों के तहत स्कूल सीट बढ़ने की बात चली थी पर ऐसा नही हुआ। इस एडमिशन हो जाने पर उन्होंने लिखित दिशा निर्देश भी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से मांगा था। परंतु उनके द्वारा भी कुछ नही किया गया। अब फिलहाल दूसरे प्राइवेट कॉलेज से बात हुई है। कोशिश की जा रही है कि छात्राओं का भविष्य खराब न हो।
स्थानीय सूत्रों की माने तो सहायक शिक्षक श्याम कुमार राय की दबंगता और मनमानी से हमेशा स्कूल में बाधा उतपन्न होती रहती है। पैसे के लालच में ही तत्कालीन धड़ाधड़ एडमिशन ले लिए जाने की बात सामने आ रही है। जब स्कूल के क्लर्क वापस आ गए तो भी अभी तक प्रभार न देने का विवाद भी चल ही रहा है। वे एचएम की भी नही सुनते हैं।
अब सवाल यह उठता है कि क्या विभाग संज्ञान लेकर इन छात्राओं का भविष्य डूबने से बचाता है और दोषी पक्षों पर सख्त कारवाई करता है या नही, यह देखने वाली बात होगी।

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