Home मुख्य विश्वविद्यालय अध्य्क्ष ने कोर कमिटी की बैठक में छत्रहित के मुद्दे पर दिखायी प्रतिबद्धता। Voice of Darbhanga
मुख्य - May 23, 2018

विश्वविद्यालय अध्य्क्ष ने कोर कमिटी की बैठक में छत्रहित के मुद्दे पर दिखायी प्रतिबद्धता। Voice of Darbhanga

दरभंगा: छात्रसंघ चुनाव के बाद छात्रों की उम्मीदें अपने चुने प्रतिनिधियों से बढ़ गयी। अपने समस्याओं के प्रति गंभीरता रखने की आशा और समाधान की उम्मीद विश्विद्यालय अध्यक्ष से जरूर रखी। इसी के प्रतिफल स्वरूप अध्यक्ष भी अपना सक्रिय योगदान छत्रहित में देने की कोशिश में नजर आने लगे हैं। इसी के तहत बुधवार को छात्रसंघ कोर कमिटी की एक बैठक का आयोजन विश्वविद्यालय अध्यक्ष सूरज कुमार की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में मुख्य रूप।से विश्वविद्यालय ऑफिस बेयरर एवं कोर कमिटी के सदस्य शामिल थे। बैठक में सभी ने अपने अपने पक्षों को रखा और कुछ प्रमुख मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाई गई। कोर कमिटी ने निम्नांकित कुछ प्रमुख मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल किया।
1. विगत कुछ समय से पार्ट-1 से लेकर पीजी एवं अन्य कोर्स का परीक्षा विवि लेती है एवं शिक्षकों से कॉपी जांच कराती है, पहले तीन प्रति मार्क्स फ़ाइल कराए जाते थे वो कुछ समय से बंद कर दिया गया है एवं प्राइवेट कंपनी को यह टेंडर दे कर के उससे डायरेक्ट मार्किंग कराया जाता है और उसका कोई भी रिकॉर्ड विवि के पास नही रहता है जिसमे कंपनी अपने मनमाने तरीके से अंक देती है।
2. रिंगबस सेवा जिसके लिए छात्रसंघ जिलापदधिकारी से मिलेगा एवं परिवाहन मंत्रालय को आवेदन लिखा जाएगा।
3. विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कुलपति से मिला जायेगा।
4. छात्रों को कैंटीन में न्यूनतम मूल्य पर खाना, नाश्ता मीले इसके लिए छात्रसंघ विवि प्रशासन से मांग करेगी।
5. सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई होनी चाहिए।
6. राज मैदान को राज्यस्तरीय खेल मैदान बनाया जाए।
7. सभी कॉलेजों में शिक्षक का बायोमेट्रिक सिस्टम से अटेंडेंस बने।
8. पार्ट-1 से लेकर पीजी तक एवं जितने भी प्रोफेसनल कोर्स है सभी का सत्र नियमित किया जाए।
9. विश्वविद्यालय कैंपस एवं पीजी विभाग में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
10. पार्ट-1 से पीजी तक के परीक्षाफल एवं रेजिस्ट्रेशन में जो त्रुटियां हो रही है इसमें विवि प्रशासन दोषी है।
11. पेंडिंग रिजल्ट के लिए जो विवि का चक्कर लगाते हैं वो बंद किया जाए क्योंकि छात्र की उपस्थिति पंजी परीक्षा केंद्र से विवि को प्राप्त हो जाती है और विवि उस आधार पर छात्रों के परीक्षाफल का प्रकाशन करे ताकि वेवजह छात्र परेशान नही होंगे।

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