Home मुख्य मानवता के साथ ईमानदारी की बेजोड़ मिशाल पेश की एक पुलिस पदाधिकारी ने। Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - May 27, 2018

मानवता के साथ ईमानदारी की बेजोड़ मिशाल पेश की एक पुलिस पदाधिकारी ने। Voice of Darbhanga

दरभंगा: वैसे तो पुलिस वालों पर तरह तरह के इल्जाम रहते हैं पर फिर भी कुछ पुलिस वाले ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करते रहते हैं जिससे आमजन को भी आभास दिला देते हैं कि खाकी में भी इंसान होते हैं। रविवार की सुबह कुछ इसी तरह का उदाहरण देखने को मिला सदर थाना क्षेत्र के भालपट्टी ओपी के ओपी अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र भारती द्वारा जब एक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल भेजने के बाद उसके पास से बरामद झोले से एक लाख अट्ठाईश हजार तीन सौ रुपये उनके परिजनों को खुद सूचित कर सौंपे।
इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर जब वॉयस ऑफ दरभंगा ने भालपट्टी ओपी अध्यक्ष श्री भारती से बात की तो उन्होंने बताया कि गत 25 मई की रात करीब पौने आठ बजे नगर थानाक्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी देवनारायण प्रसाद के पुत्र सुनील कुमार का एक्सीडेंट बाइक से सकरी की तरफ से दरभंगा लौटते समय अयूब नगर के पास हो गया था। एक डिवाइडर के बगल में सांढ़ के आ जाने के कारण बाइक डिवाडर से टकरा गयी। इसकी सूचना मिलते ही श्री भारती स्वयं पुलिस बल के साथ पांच मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुँचे। पहुँच कर उन्होंने बेहोशी की हालत में गंभीर घायल सुनील कुमार को हॉस्पिटल भेजवाया। उसके बगल में एक लावारिस झोला पड़ा मिला। श्री भारती उस झोले को लेकर चले आये। बाद में जब देखा तो उसने एक लाख अठाइश हजार तीन सौ रुपये निकले। उन्होंने इसकी सूचना घायल के पिताको दी। पिता से राशि के बारे में पूछा। घायल सुनील के पिता ने बताया कि करीब एक लाख चालीस हजार लेकर उनका बेटा चला था जिसमे दो हजार तेल आदि केलिए खर्च होने एवं दस हजार एक व्यक्ति को देने की बात बताई थी। बात मिलते देख श्री भारती ने अपने स्तर से भी वेरीफाई कर लिया। तत्पश्चात रविवार की सुबह घायल सुनील के भाई विकास कुमार को दो अन्य गवाहों के समक्ष पूरी राशि सौंप दी। परिजनों ने बताया कि एक तो उनके बेटे की जान बचायी और ऊपर से खो चुके पैसे जिसके मिलने की उम्मीद नही थी, वह भी वापस दिलाकर श्री भारती ने उनके परिवार पर बहुत बड़ा उपकार किया है। ऐसे ही पुलिस वालों के कारण आज भी पुलिस पर लोगो का भरोसा कायम है।
बताते चलें कि इससे पूर्व भी श्री भारती इसतरह के कार्य कर चुके हैं। कई जटिल जमीनी विवादों को सामाजिक सहयोग से सुलझा चुके हैं। और तो और, श्री भारती के पदस्थापन से पूर्व शायद ही कोई धार्मिक उत्सव बिना तनाव के उक्त क्षेत्र में पूरा होता था। परंतु श्री भारती के कार्यकाल में एक भी पर्व त्योहार में कोई तनाव उक्त क्षेत्र में न होना भी इनके जनता के बीच पकड़ का परिचायक माना जा सकता है। यदि डिपार्टमेंट गलत करने वालो को दंडित करती है तो ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करने वाले को पुरस्कृत भी जरूर करें ताकि ऐसे लोगो का हौसला भी बढ़े।

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