Home मुख्य स्वामी विवेकानंद युवा मंच सहित शहर के चार संस्थानों को मिलेगा दो-दो लाख का पुरस्कार। Voice of Darbhanga
मुख्य - May 30, 2018

स्वामी विवेकानंद युवा मंच सहित शहर के चार संस्थानों को मिलेगा दो-दो लाख का पुरस्कार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक पद्मभूषण डॉ बिन्देश्वर पाठक का सम्मान किया गया विभिन्न संस्थाओं द्वारा। मंगलवार की शाम नगर निगम के पास एक सभागार में बाईसी मेहतर समाज संस्थान के दर्जनों सदस्यों ने उन्हें पाग ,माला, चादर, मिथिला पेंटिंग देकर सम्मानित किया। वार्ड नं 21 की ओर से भी उनका जोरदार अभिनंदन किया गया जिसके सदस्यगण ज़ियारत एवं तीर्थ यात्रा के दौरान सुलभ के संस्थान भी जाते हैं। इस मौके पर उपस्थित संस्थानों रोटी बैंक, ब्लड डोनर टीम, तालाब सफाई करने वाली विवेकानंद युवा संस्थान, लावारिश लाश का अंतिम संस्कार करने वाली टीम के सदस्यगण भी उपस्थित थे। श्री पाठक के साथ अलवर, टौंक (राजस्थान) हरमथला ( हरियाणा) की दलित महिला सदस्य एवं वृन्दावन की विधवाएं भी थी। कार्यक्रम में पूर्व विधान पार्षद डॉ बिनोद चौधरी भी इस मौके पर मौजूद थे। डॉ पाठक ने चारों संस्थान के निस्वार्थ काम करने की जानकारी मिलने के बाद मंच से ही चारों को दो दो लाख रुपये देने की घोषणा की। बाईसी मेहतर संस्थान के संबंध में उन्होंने कहा कि एक अलग बैठक में इनके उत्थान हेतु वे वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज मिलकर काम करे ,तभी समुचित विकास होगा । कोई एक पक्ष कितना भी काम करे, कमी रहेगी , रफ्तार धीमी होगी। श्री पाठक ने वार्ड 21 में पार्षद के अपने स्तर से चलाए जा रहे 11 सबमरसेबल से पानी सप्लाई की भी तारीफ की तथा घोषणा किया कि हरिबोल तालाब, जिसमे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की एन ओ सी मिल गयी है उसे 4 माह में लगा देंगे। हराही तालाब में भी उनके द्वारा घोषित इस परियोजना के संदर्भ में एन ओ सी नही मिलने की जानकारी पर नगर विधायक ने कहा कि वे जल्द इस संदर्भ में प्रयास करेंगे। हालाँकि उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब तालाब में नालों का पानी नही गिरे। वर्तमान में हरिबोल तालाब में कोई नाले का पानी नही आ रहा है। मौके पर सुलभ की अध्यक्ष उषा चोमर ने भी अपनी जिंदगी के बदलते परिस्थिति को बता डॉ पाठक को भगवान समान मानते हुए कहा कि सर ने मुझ जैसी हजारों ऐसे भंगी महिलाओं की तकदीर बदली ,जो सर पर मैला ढोती थी। मालूम रहे कि उषा चोमर 2003 तक अलवर में सर पर मैला ढ़ोती थी। पिछले वर्ष उसने सुलभ की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ पुरस्कार प्राप्त किया था। ऐसी ही कहानी पूजा की भी है, जो 2008 तक मैला ढ़ोती थी। उसने भी अपने विचार रखे। डॉ विनोद चौधरी ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि डॉ बिन्देश्वर पाठक एक व्यक्ति नही, बल्कि अमूल्य धरोहर हैं जिनके दर्शन, संबोधन से प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर नगर निगम के दो दर्जन पार्षदगण भी मौजूद थे जिन्होंने डॉ पाठक के साथ आये महिलाओं को मिथिला पेंटिंग साड़ी एवं लहठी देकर सम्मानित किया ।मंच संचालन नवीन सिन्हा ने किया, धन्यवाद ज्ञापन संतोष राम ने किया ।इससे पूर्व नगर निगम के बगल के सार्वजनिक शौचालय को भी डॉ पाठक ने देखा ,जो आदर्श है। यहां शौच के उपरांत बच्चों को चॉकलेट तथा रविवार को बड़ों को चाय भी मिलती है। वही शौचालय के पास आधुनिक सजावट एवं लाइब्रेरी से भी वे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने हरिबोल तालाब के मछलियों को दाना भी खिलाया, जिस तालाब में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगना है।

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