Home मुख्य कलयुगी बेटों ने बीमार पिता को स्टेशन पर तड़पने केलिए छोड़ा। Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - June 17, 2018

कलयुगी बेटों ने बीमार पिता को स्टेशन पर तड़पने केलिए छोड़ा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: पूरा विश्व रविवार को फादर डे के दिन अपने पिता को याद कर रहा था। वहीं एक कलियुगी पुत्र ने कुष्ठ रोग से ग्रसित पिता को दरभंगा स्टेशन पर लावारिस छोड़कर वहां से फरार हो गया। वृद्ध की पहचान जाले प्रखंड अंतर्गत खैरा गांव निवासी उदय शंकर झा के दो पुत्र हैं। लेकिन दोनों बुजुर्ग पिता के देखरेख करने को तैयार नहीं है। इलाज कराने के बजाय पुत्र उनको स्टेशन पर छोड़ कर भाग गया। लाचार पिता को देख मधुबनी जा रहे एक छात्र सुमित कुमार ने एक पुत्र का फर्ज अदा किया। स्टेशन पर बेबस 60 वर्षीय बुजुर्ग श्री झा पर उसकी नजर पड़ी। सुमित ने सबसे पहले तौलिया निकाल घाव में लग रही मख्खी को भगाकर तौलिये को घाव के जगह पर लपेट दिया।
वो लड़का बुजुर्ग श्री झा को इलाज के लिये डीएमसीएच मे भर्ती करवाना चाहता था। सुमित ने इसके लिये जीआपीएफ से मदद मांगी। जीआरपीएफ एक ऑटो का जुगाड़ कर वहां से खिसक गया। ऑटो पर लादकर सुमित ने जैसे-तैसे श्री झा को इलाज के लिये डीएमसीएच ला रहा था। इसी क्रम में रास्ते में बुजुर्ग सुमित से कुछ बोलना चाह रहा था। बुजुर्ग ने सुमित से कहा कि उनके दो पुत्र हैं सुधीर एवं विमलेश। बीमारी से ग्रसित होने के बाद दोनो पुत्रों ने उनको छोड़ दिया। घर पर भी नहीं रहने देता है। खाना के लिये भी नहीं पूछता है। आज वह स्टेशन पर छोड़कर चला गया। कहकर उनकी आंखों से आंसू बहने लगा। बातचीत के दौरान वो डीएमसीएच पहुंच गये। यहां डीएमसीएच में भी उसे बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोई रखने को तैयार नही था। तब सुमित ने रक्तदाता ग्रुप के कुछ सदस्यों को बुलाया। उन्होंने मीडिया को भी बुला लिया। मामला हाईलाइट होते देख तुरन्त डीएमसीएच में भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया।
इस बुजुर्ग की मदद करने वाला छात्र सुमित कुमार मेहता मधुबनी जिले बाबूबरही थाना के भूपट्टी गाँव के चंद्रशेखर मेहता का पुत्र है। यहां एमएलएसएम कॉलेज का छात्र है तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर संगठन मंत्री भी है। सुमित के इस कारनामे के चारो ओर चर्चा हो रहे हैं।

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