
आने वाली पीढ़ी को बचाना है तो पौधारोपण करना होगा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दरभंगा की छात्रा इकाई की ओर से एमआरएम महाविद्यालय में सर्जना निखार शिविर के 18वें दिन छात्राओं को कई जानकारी दी गई। मंगलवार को महाविद्यालय मे 20 पौधरोपण किया गया। साथ ही पर्यावरण पर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। पहले, दूसरे एवं तीसरे स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. विद्यानाथ झा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान ने हमें यह पृथ्वी रहने के लिए दिए हैं। लेकिन, हम अपनी जरूरतों के लिए पेड़ काट रहे हैं। प्रदूषण फैला रहे हैं। इन सब का कारण बढ़ती हुई आबादी है। हमें पर्यावरण का महत्व समझना चाहिए। हम अपने पर्यावरण को साफ सुथरा नहीं रखेंगे तो आने वाले समय में हमारा स्थिति खतरे में पड़ सकता है। इसी लिए हम सब को एक एक पौधा लगाना बहुत जरूरी है। ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ एवं सुंदर प्रदूषण रहित
वातावरण मिल सके। डॉ. ब्रज मोहन मिश्र ने छात्राओं को पर्यावरण की रक्षा के महत्व को समझाया। डॉ. कन्हैया चौधरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौरान में बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इसी कारण ग्लोबल वार्मिंग की समस्या भी बढ़ रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हम पर्यावरण पानी या फिर पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे जाएंगे। लेकिन, उस समय हमें बचाने वाला कोई नहीं है। इसलिए हम सब को पर्यावरण बचाने के लिए संकल्प लेना होगा। इससे पहले छात्राओं योगाभ्यास से प्रारंभ किया। प्रशिक्षक आरबी ठाकुर ने छात्राओं को पवनमुक्तासन का अभ्यास कराया जो कि मनुष्य के शरीर से वायु निकालने में मदद करता है। प्राणायाम से मानसिक तनाव दूर करता है। वही इंग्लिश स्पोकन की क्लास में प्रशिक्षक विजय कुमार ने छात्राओं को ब्रिटिश और अमेरिकी अंग्रेजी में अंतर को समझाया। छोटे-छोटे शब्द छोटे-छोटे वाक्य को सबसे पहले लिखना पढ़ना और बोलना सिखाया। किसी भी भाषा को पढ़ने के लिए और बोलने के लिए उच्चारण शुद्ध
शुद्ध करना बहुत अनिवार्य हैं। मिथिला पेंटिंग के वर्ग में रिचा कुमारी ने छात्राओं को मिथिला पेंटिंग के इतिहास के बारे में समझाई। पेंटिंग के प्रकारों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी है। छात्राओं को आज मोर मछली एवं मानव आकृति बनाना सिखाया गया।
मौके पर कार्यक्रम संयोजक मधुमाला कुमारी, सह संयोजक कुमारी भार्गवी, वर्ग संचालन प्रमुख रिचा झा कार्यकारिणी सदस्य निशा कुमारी, अनामिका कुमारी, रितु कुमारी, राधा रानी, वैष्णवी कुमारी मौजूद थी।

