
आपत्तियों के बीच सम्पन्न हुए सिंडिकेट की हंगामेदार बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय। Voice of Darbhanga

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सिंडिकेट की बैठक मंगलवार को कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। सदस्यों के कई मामले पर आपत्ति करने से बैठक हंगामेदार रही।
सर्वप्रथम एक सदस्य ने एजेंडा पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि इसके साथ आवश्यक कागजात नहीं है। इससे सदस्यों को विचार व्यक्त करने में कठिनाई होती है। प्रो. अजीत कुमार चौधरी ने भी पूर्व के निर्णयों के अनुपालन में व्याप्त त्रुटियों को उजागर करते हुए एजेंडा को त्रुटिपूर्ण बताया। केवीएस कॉलेज कर्मियों के भुगतान के बारे में कुलपति ने देखने का आश्वासन दिया। चतुर्थ चरण के शिक्षक कर्मियों की सेवा से संबंधित हाल में जारी
अधिसूचनाओं का अनुमोदन किया गया। इससे करीब 76 शिक्षक कर्मियों की सेवा नियमित हो जाएगी।
डीएनवाई कॉलेज के मामले में विधिक राय लेने पर सहमति बनी। प्रो हरेराम आचार्य के मामले को स्थगित कर दिया गया। लोहिया सिंह चरण सिंह कॉलेज में प्रो शिवनारायण यादव को वरीयतम शिक्षक घोषित किया गया। संत कबीर कॉलेज के मामले को निरस्त कर दिया गया। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के मामले में खर्च का पूरा
ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया ।विधि संकाय के शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी परिनियम स्वीकृत किया गया ।हाई कोर्ट के केस नंबर 58 59 / 96 के मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
वित्त समिति के निर्णयों के संबंध में विस्तृत विवरण के साथ अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया. डॉ बैद्यनाथ चौधरी और प्रो कन्हैया चौधरी के मामले में विधायक संजय सरावगी तथा प्रो अजीत कुमार चौधरी को संयुक्त रुप से अजीत कुमार चौधरी को जांच कर प्रतिवेदन देने को कहा गया। बैठक में कुलपति के अलावा प्रतिकुलपति प्रो जय गोपाल , कुलसचिव डॉ मुस्तफा कमाल अंसारी, वित्त परामर्शी, लक्ष्मेश्वर राय ,रफैयाज अहमद, प्रो विनोद कुमार चौधरी, प्रो अजय नाथ झा ,डॉ भोला चौरसिया, इस्मत जहां, प्रो हीराकांत झा, डा बैद्यनाथ चौधरी, प्रो धनेश्वर प्रसाद सिंह, प्रो हिमांशु शेखर, प्रो एन के अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

