
स्थानीय उम्मीदवार के रूप में सबसे मजबूत दावेदार हो सकते हैं डॉ0 मुरारी मोहन झा! Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
अपने व्यक्तिगत प्रचार से ज्यादा लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान और पार्टी ने जो जिम्मेवारी सौंपी, उसे ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करना ही अपना दायित्व समझने वाले नेता के रूप में इनदिनों भाजपा में एक नेता खामोशी से उभरते दिख रहे हैं। जी हाँ, ऐसे ही खास शख्शियत के रूप में बहुत कम समय मे मजबूत पहचान बना चुके हैं भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ0 मुरारी मोहन झा। चर्चा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी पार्टी की तरफ से बड़ी जिम्मेवारी देकर चौंका भी सकती है। इसी संभावित तैयारी के मद्देनजर हाल ही में इनका कद बढाते हुए भाजपा द्वारा इन्हें एक लोकसभा का प्रभारी भी बनाया गया।
दरभंगा लोकसभा क्षेत्र में सांसद की दावेदारी केलिए स्थानीय उम्मीदवार की माँग भी जोर पकड़ रही है। पूरे संसदीय क्षेत्र में भी पकड़ रखने केलिए दरभंगा शहर एवं बहादुरपुर दो महत्वपुर्ण विधानसभा क्षेत्र में पकड़ भी
अहम भूमिका रखता है। फिलहाल इनदोनो विधानसभा में सबसे मजबूत पकड़ वाले कोई दूसरे नेता भाजपा में नजर भी नही आ रहे हैं। चुनावी राजनीति में स्वच्छ एवं सर्वमान्य छवि की कसौटी के साथ साथ आर्थिक कसौटी भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। और इन कसौटियों पर भी डॉ0 झा से बेहतर स्थानीय उम्मीदवार नही दिख रहा है। वैसे इनदिनों फेसबुक पर गोपालजी ठाकुर समर्थकों द्वारा भी स्थानीय उम्मीदवार के तौर पर खूब प्रचारित किया जा रहा है। पर भाजपा का इतिहास भी रहा है कि ज्यादा शोरगुल जिनके नाम से हो जाय, उसे वह पद सामान्यतया नही मिल पाता है। इनसभी समीकरणों को देखते हुए यदि स्थानीय उम्मीदवार की बात हुई तो फेसबुक पर भले जो भी दावेदारी हो रही हो, तथ्यात्मक रूप से व्यवहारिकता में डॉ0 झा सबसे समर्थ स्थानीय उम्मीदवार दिख रहे हैं।
बुधवार को भी बहादुरपुर विधानसभा के डीहलाही पंचायत नयानगर गांव जो सबसे बड़ा पशुपालक गाँव है,
वहां के बूथ संख्या 65 पर सामुदायिक भवन पर किसानों के बीच जाकर प्रधानमंत्री का सम्बोधन किसानों को सुनाने डॉ0 झा पहुँचे तो वहाँ भी चुनावी चर्चा जोर पकड़ रही थी। लोगो के बीच स्थानीय उम्मीदवार में डॉ0 मुरारी मोहन झा की संभावना बतायी जा रही थी। हालांकि अपने स्वभाव के अनुरूप डॉ0 झा अन्य नेताओं की तरह अपनी संघर्ष कथा शुरू करके लोगों को जबरन सुनने पर मजबूर करते नजर नही आये। केवल मुस्कुरा कर मौन रहे। केवल इतना ही कहा कि समाज की सेवा और पार्टी की दी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं। भविष्य में पार्टी को जो उचित लगेगा, वे सहर्ष स्वीकार करेंगे।

