Home मुख्य आजादी के सत्तर साल बाद दो बेटियों ने तोड़ा गाँव के अनपढ़ होने का अभिशाप। Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - June 27, 2018

आजादी के सत्तर साल बाद दो बेटियों ने तोड़ा गाँव के अनपढ़ होने का अभिशाप। Voice of Darbhanga

दरभंगा: आजादी के सत्तर साल बाद भी एक गांव लगभग अनपढ़ की श्रेणी में ही आता था क्योंकि आज तक उस गाँव मे एक भी व्यक्ति दसवीं पास नही था। सबसे बड़ी बात कि यह गाँव जिला और प्रमंडलीय मुख्यालय से महज दो से ढाई किलोमीटर की दूरी पर है। पर दिल में लगन हो और मन में विश्वास हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। इसी सोच के साथ कुछ कर दिखाया है बहादुरपुर प्रखण्ड के बहादुरपुर देकुली पंचायत के गोसलावर गांव की नेहा और पूजा ने। इस गांव से ये पहली दो लड़कियां हैं जिन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की है। इनका रिजल्ट आते ही गांव के लोग खुशी से झूम उठे क्योंकि आजादी के 70 वर्ष बाद भी इस गांव गांव से किसी ने मैट्रिक की परीक्षा नहीं दी थी। इस साल नेहा और पूजा ने परीक्षा ही नहीं दिया बल्कि पास होकर अपने गांव का नाम भी रोशन कर दिया।
वॉयस ऑफ दरभंगा से बातचीत करने के दौरान नेहा ने कहा कि वो और पूजा गांव की पहली लड़की हैं जो मैट्रिक पास कर अपने माता-पिता के साथ गांव का भी नाम रोशन किया है। वहीं, नेहा ने कहा कि वो आगे चलकर शिक्षिका बनना चाहती है, ताकि वो अपने समाज को शिक्षित बना सके।
नेहा के परिजनों ने कहा कि हमलोगों के लिए काफी गर्व की बात है क्योंकि गांव के इतिहास में पहली बार कोई मैट्रिक पास किया है। आज हम अपनी बेटी पर गर्व कर रहे हैं, जो मैट्रिक की परीक्षा पास कर एक इतिहास रचा है।
बताते चलें कि जिला एवं प्रमंडलीय मुख्यालय से महज दो किलोमीटर एवं प्रखण्ड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गाँव ने आजतक स्कूल, अस्पताल, सड़क आदि भी नही होना भी अपने आप मे सरकार एवं प्रशासन के मुंह पर जोरदार तमाचा कहीं न कहीं मारते दिखता है।

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