
किले के भीतर अवैध सड़क निर्माण पर उठे सवाल से बढ़ सकती है नगर विधायक की मुसीबतें! Voice of Darbhanga

दरभंगा: सोशल मीडिया की चली मुहिम का असर सोमवार को दरभंगा की सड़क पर दिखा। राजकिला धरोहर के दीवारों को तोड़े जाने एवं जलाशयों को भरे जाने के विरुद्ध बिहार विधानसभा प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी के नेतृत्व में सैकड़ो लोगों ने लहेरियासराय स्थित धरनास्थल से आयुक्त कार्यालय तक मार्च निकाल कर ज्ञापन सौंपा। धरोहर संरक्षण के सम्बंध में अन्य मांगों के साथ श्री गामी ने सबसे बड़ा सवाल सोमवार को राजकिला धरोहर बचाओ अभियान के दौरान सार्वजनिक रूप से उठा दिया है, उससे राजनीतिक हलकों में हड़कम्प की संभावना हो गयी है। उन्होंने सवाल उठाया कि दरभंगा महाराज के निजी भूखंड पर शहरी विकास योजना के अंतर्गत करोड़ो की लागत से सड़क का निर्माण किसकी अनुशंसा पर हुआ है, प्रशासन सार्वजनिक करे। साथ ही अनुशंसा करने वाले प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी पर करवाई हो।
श्री गामी के इस माँग के बाद कहीं न कहीं भाजपा के नगर विधायक संजय सरावगी की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही है। गौरतलब है ये सारे अवैध सड़क निर्माण नगर विधायक संजय सरावगी कार्यकाल में हुए हैं। उस दौरान गौरी पासवान उन्ही के मेयर भी थे नगर निगम में। हाल ही में
नगर आयुक्त का बयान आया है कि रामबाग परिसर निगम क्षेत्र के दायरे के बाहर है। इन बातों से स्पष्ट है कि इन अवैध सड़कों का निर्माण नगर विधायक संजय सरावगी के अनुशंसा पर हुआ है।
बताते चलें कि सड़क निर्माण के बाद से ही परिसर में तालाबो की भराई और जमीनों की अवैध बिक्री शुरू हुई। तीन चार साल पहले भी जब श्री गामी ने नहर भरवाने से रुकवाने की पहल की थी तो उस समय भी विधायक के करीबियों का ही नाम नहर भरवाने में आया था।
अगर मुद्दे ने तूल पकड़ा तो निश्चित रूप से नगर विधायक संजय सरावगी पर कारवाई तय दिख रही है। परंतु अब देखने वाली बात होगी की सुशासन का दम्भ भरने वाली सरकार के गठबंधन के विधायक के उपर कारवाई की हिम्मत प्रशासन दिखा पाता या मामले की लीपापोती होती है! साथ ही साथ इस आंदोलन में सभी दलों के साथ साथ जिला भाजपा के भी प्रमुख नेता थे जिन्होंने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। तो अब यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या अपनी छवि बचाने केलिए ऐसे विवादस्पद विधायक को पार्टी से निष्कासित कर जनमानस में स्वच्छता का संदेश दे पाती है या नही!

