
संस्कृत विश्वविद्यालय के वार्षिक पंचांग का विमोचन। Voice of Darbhanga

दरभंगा : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पंचांग का कुलपति के कार्यालय कक्ष में विद्वतजनों के द्वारा विमोचन किया गया. मौके पर संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सर्वनारायण झा, प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे. सनद रहे कि सनातन धर्मियों के लिए विश्वविद्यालय का यह पंचांग काफी उपयोगी होता है. पंचांग के माध्यम से सामाजिक और संस्कारों के निर्वहन में सहयोग मिलता है. भारत में कई जगहों से पंचांग वार्षिक रूप से प्रकाशित किये जाते हैं. परंतु संस्कृत विश्वविद्यालय के पंचांग का अपना अलग ही महत्व है. पंचांग विमोचन के मौके पर कुलपति और प्रतिकुलपति ने इस कार्य से जुड़े विद्वानों के प्रति आभार व्यक्त किया और नये पंचांग के लिए शुभकानाएं दी. इस संबंध में विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क पदाधिकारी निशिकांत प्रसाद सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से
1978 से अनवरत पंचांग प्रकाशित हो रहा है और यह पूरे देश में अपना अलग स्थान रखता है. हिन्दी वर्ष संवत 7576, शाक वर्ष 1940-41 और साल 2018-19 का यह पंचांग 28 जुलाई 2018 के व्यवहृत होगा. उन्होंने बताया कि इस पंचांग के प्रधान संपादक ज्योतिष के विद्वान, पूर्व कुलपति प्रो. रामचंद्र झा हैं और सह संपादक डीन शिवाकांत झा हैं. उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो. सर्वनारायण झा इसके संरक्षक हैं और विश्वविद्यालय पंचांग के प्रवर्तक पूर्व कुलपति प्रो. रामकरण शर्मा हैं. विमोचन के अवसर पर राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, अगरतल्ला परिसर के प्रो. धनिन्द्र झा और मुम्बई इकाई के प्रो. बोध कुमार झा, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की प्रो. मनोलता शर्मा, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रो. ऋषिकेश झा, ओएसडी डॉ. शिवलोचन झा, स्रातकोत्तर प्रभारी डॉ. दिलीप कुमार झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शैलेन्द्र मोहन झा, प्रकाशन प्रशाखा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार झा आदि उपस्थित थे.

