Home मुख्य मंडल कारा में मुलाकातियों से पैसे लेने का वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप। Voice of Darbhanga
मुख्य - July 5, 2018

मंडल कारा में मुलाकातियों से पैसे लेने का वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप। Voice of Darbhanga

दरभंगा: दरभंगा मंडल कारा में अवैध राशि लेकर बंदियों से मुलाकात कराने का वीडियो वायरल होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर एसके सलमान को डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बर्खास्त कर दिया। वहीं हवलदार नरेंद्र सिंह एवं महिला कारापाल कंचन यादव से स्पष्टीकरण पूछा गया है। डीएम ने बताया कि तीनों से स्पष्टीकरण पूछा गया था। जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर दोषी पाए गए और शेष दोनों पर जांच चल रही है। डीएम के आदेश पर मंडल कारा के उत्तर दिशा में अवस्थित गेट को बंद कर दिया गया। उस रास्ते से अब न तो कोई मुलाकाती आएंगे और न ही उस रास्ते से किसी बंदी को लाया जाएगा और न ही कोर्ट में पेशी कराने के लिए पहुंचाया जाएगा। गंभीर मामले को लेकर जेल आइजी मिथिलेश मिश्रा ने मामले पर संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर गुरुवार को शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर के अधीक्षक राजीव कुमार झा ने जेल के आंतरिक से लेकर बाहरी सुरक्षा तक की पड़ताल की। इस क्रम में जेल अधीक्षक ललन कुमार सिन्हा से भी कई जानकारी ली। मामले पर बंदियों व सुरक्षा कर्मियों से फीड बैक लिया गया। ताकि, सच्चाई पता चल सके। इसके बाद जिन तीन कर्मियों पर आरोप दर्शाया गया था उसे जांच अधिकारी मिश्रा के पास प्रस्तुत कराया गया। इस क्रम में कंप्यूटर ऑपरेटर एसके सलमान, हवलदार नरेंद्र सिंह एवं महिला कारा पुलिस कंचन यादव से कई सवाल पूछे गए। हालांकि, सभी से क्या-क्या पूछा गया और क्या जवाब मिला इन बातों को तत्काल गोपनीय रखा गया है। इस संदर्भ मे कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, मुजफ्फरपुर जेल अधीक्षक मिश्रा ने बताया कि स्पष्टीकरण पूछा गया है। जवाब मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिस वीडियो में गेट को दिखाया गया है उसे दो से ढाई माह पहले ही बंद कर दिया गया था। बंदी विपिन पासवान से मिलने आए उसके पिता की तस्वीर दिखाई गई है। जब कंप्यूटर को खंगाला गया तो पता चला कि 27 जून को विपिन के पिता रामविलास पासवान अपने पुत्र से मिलने आए थे। उनके द्वारा कटाए गए पर्ची में उनका आधार नंबर अंकित पाया गया है। जबकि, वीडियो में बिना आधार का पर्ची निर्गत कराने की तस्वीर दिखाई गई है। बहरहाल, जांच जारी है, जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताते हैं कि मंडल कारा में बंदियों से मुलाकात करने वाले परिजनों से पर्ची के नाम पर रुपये की वसूली की जाती है। मुलाकाती के पास आधार कार्ड नहीं पाए जाने पर मनमाने ढंग से राशि की वसूली की जाती है। साथ किसी भी तरह का सामान जेल के अंदर भेजने वालों अथवा बंदियों को अधिक रुपये देने वालों से मनमाने ढंग से वसूली की जाती है। इस संदर्भ में वीडियो वायरल हुआ है। इस खेल में हवलदार नरेंद्र सिंह सरगना के तौर पर काम करते हैं यह बात महिला कारापाल कंचन यादव कैमरा पर कही है जिसका वीडियो वायरल हुआ है। वहीं दूसरी ओर मुलाकातियों से रुपये लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर पर्ची काट रहे हैं यह भी वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है।

Share

Leave a Reply