
जिलाधिकारी ने किया कमला बलान के पश्चिमी तटबंध का निरीक्षण। Voice of Darbhanga

दरभंगा: जिले के घनश्यामपुर क्षेत्र में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने शनिवार की दोपहर कमला-बलान नदी में आयी बाढ़ तथा पश्चिमी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ तथा डूब क्षेत्र में बसे गांवों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के सिलसिले में डीएम ने बाऊर ढलान से रसियारी पुल तक किये गये एवं निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया। इस क्रम में उन्होंने कई जगह रूक रूक कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया।
प्राप्त सूचना के मुताबिक गत वर्ष की बाढ़ से तटबंध दो स्थानों पर ध्वस्त हो गया था। इसलिए इस वर्ष 68 वें किलोमीटर कुमरौल से 75 वें किलोमीटर रसियारी के बीच बांध की ऊंचाई तथा चौड़ाई लगभग डेढ़ मीटर बढ़ा दी गयी। साथ ही दोनों टूटान को बांध दिया गया। इसके बावजूद आसपास के गांव की आबादी को नजरअंदाज कर बांध में जरूरत की जगह ढ़लान बनाने का काम नहीं किया। इसको लेकर ग्रामीणों तथा संवेदक , अभियंता के बीच स्थिति हाथापायी से मारपीट तक पहुंच गयी। स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले में 11 जरूरत की जगह बांध में ढ़लान बनबाने की डीएम से मांग की। डीएम ने इस बाबत अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक निर्देश दिये।
73.400 किलोमीटर पर बाऊर गांव के टूटान में किये गये कार्य से डीएम संतुष्ट दिखे। जबकि 74.600 किलोमीटर पर रसियारी के टूटान के कार्य से वे अहहमत दिखे। उन्होंने फौरन विभागीय अधिकारी को बुलाकर यहां और काम पूरा करने का आदेश दिया। रसियारी पुल के एप्रोच सड़क को काटकर ह्यूम पाइप बिछाकर बहाव क्षेत्र बढ़ाने की कार्य का डीएम ने जायजा लिया तथा एक और पुल बनाये जाने की आवश्यकता बतलायी।
पुल के बहाव क्षेत्र में बसे रसियारी पुनर्वास टोला की एक हजार की आबादी को अन्यत्र पुनर्वासित किये जाने को लेकर अधिकारियों ने डीएम को आश्वस्त किया कि कार्य अंतिम चरण में है। इस मौके पर एडीएम मोमिन अली अंसारी, एसडीओ ब्रजकिशोर लाल, डीसीएलआर रामदुलार राम, एसडीपीओ दिलीप कुमार झा, जदयू प्रखंड अध्यक्ष विनोद मिश्र सहित घनश्यामपुर, किरतपुर के बीडीओ, सीओ, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

