Home मुख्य अनंत इच्छाओं पर नियंत्रण रख कर बचा जा सकता है मनोरोग से: डॉ0 झा। Voice of Darbhanga
मुख्य - July 11, 2018

अनंत इच्छाओं पर नियंत्रण रख कर बचा जा सकता है मनोरोग से: डॉ0 झा। Voice of Darbhanga

दरभंगा : अपनी अनन्त इच्छाओं पर नियंत्रण रखने से ही मनरोग से बचा जा सकता है. जब मन पर से बुद्धि का नियंत्रण समाप्त हो जाता है, तब मनरोग की उपत्ति होती है. उपरोक्त बातें डॉ0 शुभा झा ने सीएम कॉलेज के संस्कृत विभाग और डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘मनरोगों की बढ़ती समस्या और निदान’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए कहीं। डॉ. झा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति में जितने गुण विद्यमान है. वे सारे मानव में पाये जाते हैं और इसका उपयोग वहीं कर पाते हैं, जिसका मन पर नियंत्रण है. उन्होंने कहा कि भौतिक वादी माहौल में हम इंसानियत को भूल गये हैं और मानवीयता हम से दूर हो गई है. डॉ. झा ने कहा कि समाज में मनरोगियों को हेदृष्टि से देखा जाता है. जबकि वे भी समान आदमी के तरह इंसान हैं. उन्होंने जो मिलता है उसी में संतोष से रहना सीखें. इस अवसर पर डॉ. रामनाथ सिंह ने आकड़ा पेश करते हुए कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक लोग किसी न किसी प्रकार की मानसिक समस्या से ग्रसित हैं. उन्होंने कहा कि लगजरी लाईफ स्टाईल के चलते भी लोग मनरोगी बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि मन पर सैयम रखना, मन की बातों पर मनन करना और क्षमता के अनुरूप अभिव्यक्ति करने से मनरोग से बचा जा सकता है. इस अवसर पर डॉ. कृष्ण चंद्र मयंक ने कहा कि मनरोग अलग-अलग तहर के होते हैं. उन्होंने कहा कि मनरोग गंभीर असमर्थता पैदा कर सकता है और मृत्यु का कारण भी बन सकता है. वहीं डॉ. आर.एन चौरसिया ने कहा कि इस अर्थ युग में लोग विभिन्न कारणों से प्रभावित होकर मनरोगी बन जाते हैं. ऐसे लोगों के साथ मानवीय व्यवहार करना चाहिए. धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने किया. जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विरेन्द्र कुमार चौधरी ने किया. सामभवी तान्या के स्वागत गाणा से सेमिनार का स्वागत किया. मंच संचालन शेखर कुमार यादव ने किया. इस अवसर पर राजकुमार गणेशन, अनीष सिद्दीकी, अनिल सिंह, रविन्द्र कुमार चौधरी, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे.

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