
संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने केलिए जल्द करेंगे प्रधानमंत्री से मुलाकात: डॉ0 पाठक। Voice of Darbhanga

दरभंगा : संस्कृत शिक्षा से विमुख हो रहे छात्रों से चिंतित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सर्व नारायण झा ने आज सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विंदेश्वर पाठक से यूरोपियन गेस्ट हाउस में औपचारिक शिष्टाचार भेंट की और संस्कृत के सम्बर्धन व संरक्षण के लिए उनसे हर सम्भव मदद मांगी. वहीं कुलपति का उन्होंने पुष्पगुच्छ के साथ शॉल से सम्मानित कर हर संभव सहयोग का विश्वास दिलाया. संस्कृत व संस्कृति के प्रति शुरू से ही समर्पित रहे डॉ. पाठक ने उदारता दिखाते हुए छात्र हितों को बढ़ावा देने की हामी भरी. साथ ही उन्होंने प्रो. झा को भरोसा दिलाया कि संस्कृत के उत्थान के लिए जल्द ही प्रधानमंत्री से मिला जाएगा. उन्होंने प्रो. झा को इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा. मौके पर सिंडीकेट व सीनेट सदस्य डॉ. विनय कुमार चौधरी भी उपस्थित थे. उक्त जानकारी देते हुए संस्कृत विश्वविद्यालय के पीआरओ निशिकांत के बताया कि कुलपति प्रो. झा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए उनसे कहा कि अमूमन कम सुविधा संपन्न ग्रामीण परिवार के बच्चे ही संस्कृत शिक्षा से जुड़ते रहे हैं और आज भी हालात वही है. पहले इन बच्चों को भोजन व आवास नि:शुल्क उपलब्ध हो जाता था. अब परिदृश्य एकदम विपरीत है. ऐसे में संस्कृत के प्रति गरीब व निर्धन बच्चों का भी लगाव क्रमतर घटता जा रहा है. इसलिए भोजन-पानी के साथ आवास की व्यवस्था अभी भी मुकम्मल हो जाय, तो संस्कृत शिक्षा की दशा व दिशा दोनों बदल जाएगी. प्रो. झा ने उनसे अनुरोध किया कि इतिहास गवाह है सुविधा सम्पन्न लोग, राजा-महाराजा, सेठ-साहूकार, ट्रष्ट व उदारचित्त के लोग ही देववाणी संस्कृत को जीवंत रखने में तथा पुष्पित-पल्लवित करने में सबसे आगे रहे हैं. आप सक्षम हैं. इसलिए आप व्यक्तिगत स्तर से भी दूरगामी पहल कर आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करें.

