
जलसंकट जल्द दूर करने केलिए डीएमसीएच में गाड़े जाएंगे बीस समर्सिबल बोरिंग। Voice of Darbhanga

दरभंगा: डीएमसीएच में जल संकट जल्द दूर करने की दिशा में सार्थक प्रयास होता दिख रहा है। शनिवार को कमिश्नर मयंक बरबड़े की अध्यक्षता में उनके कार्यालय के सभागार में हुई डीएमसीएच रोगी कल्याण समिति की शासी निकाय की बैठक में अस्पताल परिसर में 20 जगहों पर सबमर्सिबल बोरिंग करने की मंजूरी मिल गई। बोरिंग रोगी कल्याण समिति की राशि से कराई जाएगी। इसके अलावा परिसर में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करने का निर्देश पीएचईडी को दिया गया है। इसके अलावा करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में मरीजों की सुविधा के लिए प्रस्तावित कई कार्यों को हरी झंडी मिली।
बैठक शुरू होने पर डीएमसीएच के अधीक्षक सह रोगी कल्याण समिति के सचिव डॉ. राज रंजन प्रसाद ने कहा कि पिछली बैठक में पारित कई प्रस्तावों पर भवन निर्माण विभाग व पीएचईडी की ओर से काम नहीं किया गया है। उन्होंने कमिश्नर से अनुरोध किया कि वे दोनों विभाग के अधिकारियों को निर्देश दें ताकि डीएमसीएच में लंबित कार्यों को जल्द पूरा कर लिया जाय। कमिश्नर ने दोनों विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता से वहां के कार्यों का निबटारा करने का निर्देश दिया।
बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि विभाग के रोजमर्रा के काम को निबटाने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को प्रति माह 10-10 हजार की राशि दी जायेगी। इसके अलावा वाहनों को खड़ा करने के लिए आपातकालीन विभाग परिसर में शेड व मरीज के परिजनों को खाना पकाने के लिए गायनी विभाग परिसर में शेड बनाने को भी मंजूरी मिल गई। वहीं सभी विभागों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ लगाने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा अस्पताल परिसर में टूटे हुए कल्वर्ट की मरम्मत करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। क्लीनिकल पैथोलॉजी विभाग में मरीजों को बैठने के लिए शेड बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। कमिश्नर ने सभी विभाग के अधिकारियों को डीएमसीएच प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया ताकि वहां की समस्याओं को दूर किया जा सके।

