
कुर्की जब्ती की कारवाई के बाद ट्रिपल मर्डर के मुख्य आरोपी लालबिहारी ने किया सरेंडर। Voice of Darbhanga

दरभंगा: सदर थाना क्षेत्र के दिल्ली मोड़ बस स्टैंड के पास 13 मार्च को दिनदहाड़े गोली मारकर तीन लोगों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी व षडयंत्रकर्ता लाल बिहारी यादव हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद शुक्रवार को पुलिस के हाथ आ गया। रानीपुर स्थित उसके घर की कुर्की शुरू किए जाने के बाद लाल बिहारी ने नाटकीय ढंग से एसएसपी मनोज कुमार के समक्ष सरेंडर कर दिया। घटना को लेकर उससे सघन पूछताछ की जा रही है। लाल बिहारी यादव की पत्नी सदर प्रखंड की उप प्रमुख हैं। वह स्वयं सदर प्रखंड व्यापार मंडल का अध्यक्ष है। पूर्व में दिल्ली मोड़ पर अवैध रूप से चल रहे बस स्टैंड में उसका वर्चस्व था।
घटना के बाद से ही लाल बिहारी फरार चल रहा था। पुलिस हाथ धोकर उसके पीछे पड़ी थी। दरभंगा के अलावा कई जिलों में उसकी तलाश के लिए पुलिस ने छापेमारी की थी। पुलिस के दबिश के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं होने पर उसके खिलाफ कुर्की जब्ती निकाली गई थी। आज सुबह करीब सात बजे ही भारी संख्या में पुलिस बल उसके यहां कुर्की करने पहुंचा। पुलिस टीम में सदर थाना व मब्बी ओपी की पुलिस के अलावा दंगा नियंत्रण बल व महिला पुलिस शामिल थी।
भारी संख्या में पुलिस को देख लाल बिहारी के परिजनों के बीच हड़कम्प मच गया। पुलिस ने उसके घर की कुर्की करने की कार्रवाई शुरू की। घर के दरवाजे व खिड़कियों को उखाड़ने के बाद पुलिस अंदर दाखिल हुई। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि लाल बिहारी सरेंडर करने के लिए तैयार है। संभवत: उसके परिजनों ने मोबाइल पर उसे कुर्की की सूचना दे दी थी।
सूचना आने के बाद भी पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी रही। घर के अंदर से सारा सामान बाहर निकाल दिया गया। पुलिस अब उसे बक्शने के मूड में नहीं थी। बीच-बीच में लाल बिहारी के लोग उसे सरेंडर कराने का आश्वासन देते रहे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें दो टूक कह दिया कि जब तक वरीय अधिकारियों से निर्देश नहीं मिलता है तब तक कुर्की की कार्रवाई जारी रहेगी। इस बीच सुबह करीब साढ़े नौ बजे लाल बिहारी के रिश्तेदार ने सदर एसडीपीओ अनोज कुमार को फोन कर लाल बिहारी को सरेंडर कराने का आश्वासन दिया। साथ ही उसने कुर्की की कार्रवाई राकने का आग्रह किया। एसडीपीओ के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई रोक दी गइ। इसके बाद घर से निकाला गया सामान वापस अंदर रख दिया गया। इधर, लहेरियासराय टावर व कोर्ट के पास कई पुलिस कर्मी लाल बिहारी की ताक में लगे थे। पुलिस को शक था कि लाल बिहारी पुलिस को चकमा दे सकता है। हालांकि पुलिस की दबिश को देखते हुए उसने एसएसपी मनोज कुमार के समक्ष सरेंडर कर दिया। पूछताछ के लिए पुलिस उसे अपने साथ ले गई।

