Home मुख्य अविश्वास प्रस्ताव खारिज, बच गयी बेनीपुर प्रमुख की कुर्सी। Voice of Darbhanga
मुख्य - August 6, 2018

अविश्वास प्रस्ताव खारिज, बच गयी बेनीपुर प्रमुख की कुर्सी। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बेनीपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित कर्पूरी सभा भवन में सोमवार को प्रखंड प्रमुख मनोज मिश्र के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के साथ खारिज कर दिया गया। इस तरह प्रमुख मनोज मिश्र की कुर्सी बरकरार रही। दिन के 11:30 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कर्पूरी सभा भवन में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विशेष बैठक हुई। मजिस्ट्रेट के तौर पर अंचलाधिकारी पंकज कुमार झा की देखरेख में बीडीओ जगत नारायण मिश्र मौजूद रहे। अध्यक्षता उप प्रमुख प्रेम कुमार झा ने की। बैठक में प्रमुख विरोधी पंचायत समिति सदस्यों में राजनारायण साहु, नुनु प्रसाद महतो एवं शंभू मंडल ही मौजूद हुए। जबकि प्रमुख मनोज मिश्र एवं उनके पक्ष के उप प्रमुख प्रेम कुमार झा ने बैठक में भाग लिया। यानी कुल 23 पंचायत समिति सदस्यों में पांच ने ही बैठक में भाग लिया। बीडीओ ने अध्यक्षता कर रहे उप प्रमुख की अनुमति लेकर बैठक की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। इस बीच प्रमुख के खिलाफ लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पंचायत समिति सदस्य राजनारायण साहु, नुनु प्रसाद महतो एवं शंभू मंडल ने कहा कि जब प्रमुख के खिलाफ लिखित रूप से अविश्वास प्रस्ताव लगाने वाले पंचायत समिति सदस्य आज बैठक में आए ही नहीं तो फिर इसपर बहस कराने का क्या औचित्य है। प्रमुख ने एक साजिश के तहत अपने समर्थित पंचायत समिति सदस्यों से ही अपने उपर अविश्वास प्रस्ताव लगवा लिया। प्रमुख पंचायत समिति सदस्यों को अपहरण करके रखे हैं। बीडीओ ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव कौन लगाया, वह आवेदन मौजूद है, आपको इस पर कुछ कहना है तो बोलिए। प्रमुख मनोज मिश्र ने कहा कि जब लिखित रूप से अविश्वास प्रस्ताव लगाने वाले पंचायत समिति सदस्य बैठक में आए ही नहीं तो इसे खारिज किया जाए। पंचायत समिति सदस्यों को अपहरण कर रखे जाने का आरोप सरासर गलत है, क्योंकि अगर अपहरण करके रखता तो पंचायत समिति सदस्य और उनके परिजन थाना में जरूर उनके खिलाफ आवेदन देते। वे बहुमत के आधार पर प्रमुख बने थे। अभी भी उनको कुल 23 पंचायत समिति सदस्यों में अठारह का समर्थन प्राप्त है। अविश्वास प्रस्ताव के सभी आरोप मनगढ़त हैं। बीडीओ एवं अध्यक्ष ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन के लिए 23 पंचायत समिति सदस्यों में 12 को बैठक में भाग लेना अनिवार्य था लेकिन पांच सदस्य ने ही बैठक में भाग लिया, जिसके कारण प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। प्रमुख अपने पद पर बने रहेंगे। इस दौरान जीपीएस सुरेश ठाकुर, थानाध्यक्ष शशिकांत सिन्हा मौजूद थे।

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