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मुख्य - August 7, 2018

एडवोकेट सुभाष मिश्रा की मेहनत से रद्द हुए बीएड डिग्री की मान्यता पुनः हुई बहाल। Voice of Darbhanga

दरभंगा। बलवीर चौधरी
पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष कुमार मिश्रा की मेहनत से 18 वर्ष पूर्व रद्द हुए बीएड डिग्री की मान्यता पुनः बहाल होने के कारण सैंकड़ो छात्रों में खुशी की लहर है। ज्ञात हो कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने वर्ष 2000 के दौरान कई बीएड कॉलेजों की मान्यता विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया था। जिसके पश्चात इन सत्रों के दौरान उत्तीर्ण हुए छात्रों के सर्टिफिकेट की मान्यता भी रद्द कर दी गयी थी।
किन्तु माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अब विश्वविद्यालय ने वर्ष 2000 में नेशनल टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, अरेर के बीएड उत्तीर्ण परीक्षार्थियों के डिग्री की मान्यता को अपने पूर्व में निर्गत आदेश को वापस लेते हुए करीब 1500 विद्यार्थियों के परीक्षाफल की मान्यता पुनः बहाल कर दिया है।
छात्र हित से जुड़े मामले होने के चलते श्री मिश्रा ने पटना उच्च न्यायालय में इस मामले को पेश किया और छात्रों को न्याय दिलाया। श्री मिश्रा ने कहा कि पास किये हुए छात्रों का प्रमाणपत्र रद्द होने से सैंकड़ो व्यक्ति बीएड की डिग्री होने के बावजूद कई नौकरियों के लिए आवेदन नही कर पा रहे थे और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में रहते थे। किन्तु अब माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनकी समस्या का निदान हो सका है।
एडवोकेट श्री मिश्रा दरभंगा के रैयाम थाना क्षेत्र के कमलपुर गांव निवासी हैं। जमीन से जुड़े होने के कारण मैथिल समाज को न्याय दिलाने हेतु हमेसा आगे रहते हैं। कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को लेकर अक्सर सुर्खियों में आते रहे हैं और मैथिलों को न्याय दिलाने में हमेसा आगे रहते हैं।

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