
बन्द के दौरान सवर्ण समाज ने अध्यादेश पर चुप रहने वाले सवर्ण नेताओं को जमकर लताड़ा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: एससी/एसटी एक्ट में सरकार द्वारा लाये गए अध्यादेश के विरोध को लेकर नौ अगस्त को बुलाये गये भारत बंद को लेकर जिले में बड़ा असर देखा गया। सड़कों और दुकानों पर जहां सन्नाटा पसरा रहा, वहीं अधिकतर सरकारी कार्यालय, बैंकों और निजी संस्थानों के अलावा निजी और सरकारी स्कूल बंद रहे।
इस दौरान बन्द समर्थकों ने अपने ही समुदाय के सवर्ण नेताओं की चुप्पी पर उन्हें जमकर लताड़ा। अधिकतर लोगों ने वोट केलिए नही आने की चेतावनी देते हुए नारा लगाया कि आज चुप रहकर वोट मांगने आने वाले नेताओं को अंजाम भुगतना पड़ेगा। कुछ जगह तो नेताओं को नाम लेकर गालियाँ तक दी गयी। सिनुआरा निवासी कृष्णकांत चौधरी कन्हैया ने तो बाकायदा अपने गांव में “वोट माँग कर हमें शर्मिंदा न करें” का बोर्ड भी जनप्रतिनिधियों केलिए लगाने की बात कही और सबों से अपील की सभी गांव मुहल्ले ने इसी प्रकार वोट का बहिष्कार किया जाय।
ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर
चौधरी ने बन्द को पूर्णतः सफल बनाने के सभी को धन्यवाद देते हुए इस सफलता में युवाओं का अहम योगदान बताया।
एससी/एसटी एक्ट को लेकर लाये गये अध्यादेश के खिलाफ नौ अगस्त को बुलाये गये भारत बंद का व्यापक असर दरभंगा में शहर की सभी दुकानें स्वत: स्फूर्त बंद रहीं। सड़कों और बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। जिले के कई इलाकों से ट्रेनें रोके जाने की सूचनाएं मिली। जिले की अमूमन सभी मुख्य सड़कों पर आवागमन को बंद कर दिया गया। बंद को एससी/एसटी एक्ट से प्रभावित होनेवाले सभी समूहों का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। अधिकतर सरकारी कार्यालयों, बैंकों, निजी संस्थानों में ताला लटका दिखा। निजी और सरकारी स्कूल बंद रहे।

