Home मुख्य किसान आंदोलन के प्रणेता सीपीएम नेता विजयकांत ठाकुर के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब। Voice of Darbhanga
मुख्य - August 12, 2018

किसान आंदोलन के प्रणेता सीपीएम नेता विजयकांत ठाकुर के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब। Voice of Darbhanga

दरभंगा: किसान आंदोलनों के प्रणेता के रूप में प्रसिद्ध माकपा के राष्ट्रीय कमिटी सदस्य सह कंसी पंचायत के पूर्व मुखिया विजयकांत ठाकुर का रविवार को लहेरियासराय के बेलवागंज स्थित आवास पर सुबह 9 बजकर 20 मिनट देहांत हो गया। रविवार की शाम कंसी स्थित पैतृक आवासीय परिसर के बंगला पोखर के समीप नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में आमजन से लेकर जनप्रतिनिधियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कामरेड को लाल सलाम के गगनभेदी नारों के साथ पार्थिव शरीर लहेरियासराय से गांव लाया गया। विजय बाबू अमर रहे के साथ समर्थकों की भीड़ अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ी। कंसी, नरकटिया चौक पर ग्रामीणों, राजनेता व जनप्रतिनिधियों की भीड़ ने शव यात्रा में शामिल होकर पुष्प अर्पित किया। एनएच-57 पथ के दोनों किनारे महिला-पुरुष समर्थकों ने लाल के झंडा के साथ आगवानी की। राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन मो0 अताकरीम, विधायक संजय सरावगी, पूर्व महापौर ओम प्रकाश खेड़िया, पूर्व विधायक रामाश्रय सिंह, पूर्व विधान पार्षद मिश्रीलाल यादव, विनोद चौधरी, पूर्व पीपी श्याम किशोर प्रधान, डॉ. एसरारूल हक लाडले, डॉ. पवन चौधरी, मुखिया सुधीर कांत मिश्र, शमसे आलम, अहमद अली तमन्ने, महेश दुबे, इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, माकपा जिला सचिव अविनाश ठाकुर, किसान सभा के जिलाध्यक्ष दिलीप भगत, सुरेंद्र साह, मो. गुलाब, पुकार राम, महेश दुबे आदि ने पुष्प अर्पित कर कहा विजय बाबू ने माकपा की नींव को मजबूत कर गरीब, दलित, शोषित, अकलियत समाज के आवाज व हक के लिए आंदोलन किया। 30 दिसम्बर 1933 को जन्मे स्व0 ठाकुर केवटी विधानसभा से मात्र 237 वोट से विधायक का चुनाव हार गए थे। वे लगातार 40 वर्षो तक कंसी पंचायत के मुखिया रहे। विजय कांत ठाकुर का राजनीतिक जीवन सादगी व संघर्षशील रहा है। दिवंगत नेता ठाकुर अपने पीछे चार पुत्रों में अधिवक्ता राजीव रंजन ठाकुर, प्रमोद ठाकुर, चिकित्सा प्रभारी विनोद ठाकुर व माकपा युवा नेता गोपाल ठाकुर एवं दो पुत्री सहित भरा-पूरा छोड़ गए हैं।

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