
करेंट की चपेट में आयी माँ को बचाने में जान गंवाने वाले सैनिक को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई। Voice of Darbhanga

दरभंगा: सैनिक भारत माँ की रक्षा करते हुए अपने जान की परवाह नही करते। साथ ही साथ समय समय समय पर यह भी सिद्ध करते हैं कि वे जहाँ भी रहते हैं, अपने इस कर्तव्य का पालन करते हैं, चाहे बॉर्डर पर हो या घर मे। जी हाँ, शनिवार को करंट की चपेट में आई अपनी मां को बचाने में जान गंवाने वाले 13 आरआर बटालियन जम्मू-कश्मीर के सैनिक प्रभात का पूरे सैनिक सम्मान के साथ रविवार को उनके पैतृक गांव दहौड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। मुजफ्फरपुर आर्मी कैंप से सूबेदार
संत कुमार पांडेय के नेतृत्व में आए सेना के जवानों ने जैसे ही अर्थी को कंधे से लगाया तो सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गई। सेना के जवानों ने तिरंगा में लपेट कर उन्हें श्मशान तक पहुंचाया। फिर उन्हें सलामी दी गई। शव यात्रा में विधायक फराज फातमी, मुखिया रजी आलम के साथ सैकड़ों लोग शामिल थे। सूचना के बाद भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं थाना पुलिस के इसमें शामिल नहीं होने पर सेना के सूबेदार संत कुमार पांडेय ने नाराजगी जाहिर की। प्रभात के भाई पंकज ने अपने भाई को मुखाग्नि दी।

