
मिथिला के रणबांकुरों ने रचा इतिहास, 56 साल बाद दरभंगा के लालकिला पर फहराया तिरंगा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: 56 साल बाद दरभंगा सहित मिथिला के लालकिले के रूप में सुसज्जित धरोहर दरभंगा के प्राचीन राज किला पर झंडोत्तोलन कर मिथिला के रणबाँकुरों ने 15 अगस्त 2018 की तारीख को इतिहास में दर्ज कर दिया है।
पूर्व घोषणा के मुताबिक बुधवार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने ‘गौरवशाली दरभंगा’ नामक संस्था के सहयोग से एतिहासिक राज किले पर लगभग 56 साल बाद फिर से राष्ट्रीय ध्वज का झंडोत्तोलन किया।
गौरतलब है कि 1962 के बाद से दरभंगा के एतिहासिक राज किले के प्राचीर से राष्ट्रिय ध्वज का झंडोतोलन नहीं हो रहा था। मिथिला स्टूडेंट यूनियन कुछ दिन पहले घोषणा किया था कि इस साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज किले की प्राचीर से झंडोतोलन करेगी।
जिला प्रशासन के द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और दरभंगा-राज प्रशासन के द्वारा सीढ़ी की चाभी नहीं देने के कारण एमएसयू के कार्यकर्ताओं को राज किले के प्राचीर तक पहुँचने में काफी कठिनाई का सामना भी करना पड़ा। एमएसयू के मनोज ठाकुर, अमित ठाकुर, गणपति मिश्र,
एमएलएसएम कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक झा, व संस्था के पूर्व राष्ट्रिय संगठन मंत्री रंधीर झा और ‘गौरवशाली दरभंगा’ के मनीष ने जान जोखिम में डालकर तड़के सुबह किले पर चढ़ कर झंडोत्तोलन करने में अहम भूमिका निभाई।
एमएसयू ने कहा कि हमारा यह प्रयास सरकार और प्रशासन को मिथिला के एतिहासिक धरोहरों को संरक्षित और संवर्धित करने की प्रेरणा प्रदान करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हम हर साल आमजन के सहयोग से स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह सिलसिला जारी रखेंगे।
रिव्यु कमिटी सदस्य गोपाल चौधरी और अनूप चौधरी, नगर अध्यक्ष मनीष पाण्डेय, राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी अमित सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं के सहयोग से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मौके पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बालकृष्ण मिश्रा, प्रवीन झा, विवेकानंद, राहुल झा, विपिन झा, आदित्य कुमार झा, धर्मेन्द्र, अमित कुमार, प्रभाष झा, रमण झा इत्यादि मौजूद थे।

