Home मुख्य मौत से पहले भाई के नाम लिखे रंजना के पत्र से उजागर हुआ दहेज दानवों का सच। Voice of Darbhanga
मुख्य - August 19, 2018

मौत से पहले भाई के नाम लिखे रंजना के पत्र से उजागर हुआ दहेज दानवों का सच। Voice of Darbhanga

दरभंगा: रंजना की मौत को ससुराल वालों ने एक्सीडेंट का रूप दे ही दिया था। पर संयोगवश दाह संस्कार से पूर्व लोगों की नजर पड़ने और मौत से पहले रंजना का अपने भाई के नाम लिखे खत ने दहेज दानवों का सच उजागर कर दिया।
कुछ इसी तरह के शब्दों के साथ रंजना का दुःख दर्द पन्नों में सिमटा हुआ है जो अब दहेज दानवों का शिकार हो चुकी है। वह अब लब्जों से खुद पर ढाए गए जुल्म को रोते हुए अपने मां-बाप से लिपटकर नही बता सकती है। ना ही वह दूसरी बार चुपके से पिता के नाम ससुराल से खत लिख सकती है।
एक पिता ने बड़े अरमान से अपनी लाडली बेटी का ब्याह रचाया था जो अब दहेज दानवों का शिकार हो चुकी है। मधुबनी जिले के जरैल गांव के भूप नारायण झा अपनी पुत्री रंजना की शादी 29 अप्रैल को दरभंगा के औझौल गांव प्रभात कुमार झा पुत्र अजय झा के साथ संम्पन्न हुआ था। शादी के बाद से ही लड़की को दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। लड़के प्रभात ने कई बार रंजना की पिटाई भी की थी लेकिन लोक लाज के डर से व बेटी के घर को बसे रखने की गरज़ से पुलिस में शिकायत नहीं दी गयी। जब लड़की को उसके ससुरालवाले अपने माँ बाप भाई बहन से नहीं मिलने देते थे और फोन पर भी संपर्क नहीं करने देते थे तो लड़की के पिता उस से मिलने लड़की के ससुराल गए। जहां मौका पाकर लड़की ने एक चिट्ठी अपने पिता श्री भूप नारायण को चुपके से दे दी जिसमे ससुराल के हालात लिखे हुए थे।
शनिवार को लड़की के घरवालों को उसके ससुराल वालों ने खबर दी की एक्सीडेंट में रंजना की मौत हो गयी है। लड़की के घरवालों को मौके के एक सूत्र ने बताया कि लड़की के साथ घर पर मार पीट की गयी और गला दबाया गया।इलाके में चर्चा है जब लड़की की मौत हो गयी तो रात अँधेरे में उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए लड़के के घर वाले संस्कार के लिए ले गए जो मौके पर मल्लाहों ने देख लिया और लाश को लेकर लड़के के घरवाले भाग गए और घर वापस आकर एक्सीडेंट होने की झूठी अफवाह उड़ा दी। लड़के को भी अस्पताल में एडमिट करवा दिया। लड़की के परिचित ने जब लाश देखी तो उन्हें भी हालात संदिग्ध लगे।लड़की के एक पाँव का टूटा पायल लड़के के घर के बिस्तर पर मिला। लड़की के गले पर नील के निशान थे। मौके के सूत्र ने नाम उजागर न करने की शर्त पर ये तमाम साक्ष्य लड़की वालों को उपलब्ध कराये हैं। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है। क्योंकि विवाहिता की शादी को सात साल से कम हुए हैं अतः 176 Crpc के तहत जाँच भी होनी है।
भूपनारायण झा अभी बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं जबकि उनके समधी बिहार पुलिस से ही सेवानिवृत्त हैं।

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