
सुशासन राज में दिनदहाड़े पुलिस सुरक्षा में पेशी केलिए कोर्ट लाये गए संतोष झा की गोली मारकर हत्या। Voice of Darbhanga
दरभंगा। बलवीर चौधरी
बिहार के सुशासन राज में दिनदहाड़े हत्या जैसे अपराध भी अब आम बात सी हो गयी लगती है। अपराधियों के बढ़े हौसले और पुलिस के पूरी तरह सड़ गल चुके सूचनातंत्र का पता इसी से चल जाता है कि पुलिस सुरक्षा के बीच अपराधी किसी को गोली मारकर निकल जाते हैं।
दरभंगा के चर्चित इंजीनियर हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त संतोष झा की मंगलवार को सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर देने से एकबार फिर सुशासन का सच सामने आ गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी में कुख्यात संतोष झा की सीजेएम कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान पुलिस के पहरे के बीच करीब तीन बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों द्वारा करीब 20 राउंड फायरिंग किए जाने के दौरान सीजेएम कोर्ट का एक चपरासी भी घायल हो गया। बताया गया है कि सीजेएम कोर्ट में मंगलवार को पेशी के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतोष झा को सीतामढ़ी जेल से ही लाया गया था।
पेशी के बाद पुलिस उसको लेकर जा रही थी तो पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने संतोष झा पर दनादन फायरिंग शुरू कर दी। गोली उसको सिर में लगी, और वह कोर्ट परिसर में ही गिर गया। उसको इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गोली चलने से सीजेएम कोर्ट में अफरातफरी मच गई। फायरिंग की सूचना मिलने पर एसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस कोर्ट परिसर में पहुंचकर घेराबंदी कर ली। कुख्यात संतोष झा पर पूर्व से ही कई मामले दर्ज हैं। मालूम हो कि वह शिवहर जिले के पुरनहिया थाने के दोस्तियां गांव का रहनेवाला था। वर्ष 2001 उसने मुखिया पर हमले के बाद चर्चा में आया था। इसके बाद अपराध की दुनिया में पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। इसपर दरभंगा में इंजीनियर हत्याकांड, रीगा के पास पुलिस से मुठभेड़, जिला पार्षद हत्याकांड समेत अन्य कई मामले इसपर चल रहे थे। कुछ में सजा भी हुई थी। पिछले दिनों इसको सीतामढ़ी जेल में यहां के मुकदमों की सुनवाई को लेकर लाया गया था। कुछ दिनों पूर्व मोतिहारी में भी इसी के गैंग के सदस्य की कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।


