
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से डीएमसीएच में यूरिन टेस्ट भी पड़ा ठप्प। Voice of Darbhanga
दरभंगा : डीएमसीएच के धोबीघाट स्थित क्लीनिकल पैथोलॉजी जांच घर में कल मंगलवार से मरीजों के यूरिन की जांच नहीं हो पायेगी. इस हालात में जांच के लिए पहुंचने वाले सैंकड़ों मरीजों को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा. विभागीय आंकड़ा के अनुसार करीब दो सौ मरीज प्रतिदिन यूरिन जांच कराने के लिए इस जांच घर में पहुंचते हैं. विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर डीएमसीएच आये अमूमन हर मरीज की यह जांच चिकित्सक कराते हैं. जांच नहीं होने से सेंटर पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बन सकती है. जानकारी के अनुसार विभाग में यूरिन स्ट्रीप समाप्त हो गया है. सोमवार को किसी तरह मरीजों की जांच की गयी है. स्ट्रिप की आपूर्ति नहीं होने पर कल यह बेसिक जांच बन्द हो जाएगा.
संबंधित विभाग की ओर से इसे लेकर अधीक्षक को पहले भी पत्र भेजा गया था. सोमवार को फिर से एक पत्र अधीक्षक को भेजा गया है. पिछले माह की 18 तारीख को अधीक्षक को पत्र लिख कर यूरिन स्ट्रीप की मां मांग की गयी थी. बावजूद यह मुहैया नहीं कराया गया. समय रहते स्ट्रीप मुहैया नहीं कराये जाने से यह समस्या उत्पन्न हो गयी है.
पैथोलॉजी विभाग में मरीजों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है. इस कारण विशेष कर पेशाव व शौच का सेंपल देने के लिए मरीजों को लाज को त्याग देना होता है. महिला व पुरूष मरीज दीवाल की साइड में जाकर सैंपल के लिए शौच एवं पेशाव त्याग करते हैं.
वहीं जांच के बाद रिपोर्ट हाथ से लिख कर दिया जाता है. हालांकि विभाग में एक कंप्यूटर ऑपरेटर है, बावजूद अभी तक कम्प्यूटराइज्ड रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है. इस सम्बंध में कई मरीज़ो ने शिकायत भी की है. दूसरी जगहों पर हाथ से लिखी रिपोर्ट की वास्तविकता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया जाता है.
विभाग में पेयजल की समस्या विभाग में रोज़ाना करीब डेढ़ सौ से ऊपर मरीज़ विभिन्न जांच के लिए आते हैं. परिसर में पेय जल के लिए केवल एक चापाकल है. यहां मोटर व टंकी की व्यस्था की गई थी, लेकिन मोटर चलाने पर भी पानी नही आता है. इससे पेयजल की समस्या बनी हुई है.
विभाग में मरीजों के सैंपल जांच में लंबा समय लग जाता है. यहां मात्र दो छोटी सेन्ट्रीफयूज मशीन है. इसमें केवल चार टयूब होते हैँ. इस कारण एक बार में केवल आठ मरीजों के सैंपल की ही जांच हो पाती है. एक बार की जांच में करीब 10 मिनट का समय लग जाता है. इस कारण मरीजों को जांच के बाद रिर्पोट लेने के लिये दूसरे दिन आना पड़ता है.
विभाग ने डीएमसीएच अधीक्षक को पत्र लिखकर बड़े सेन्ट्रीफयूज मशीन की मांग की है. इस मांग पर कोई कदम अभी तक नहीं उठाया गया है. बताया जाता है कि बड़े सेन्ट्रीफयूज मशीन में एक बार में 40 मरीजों के सैंपल जांच की जा सकती है. इसमें समय भी कम लगता है.
इस मामले प्रतिक्रिया देते हुए उपाधीक्षक बालेश्वर सागर ने माह कि जल्द ही ईएसआर ट्यूब एवं यूरिन स्ट्रिप की आपूर्ति की जाएगी. मरीज़ो की जांच में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी.


