Home मुख्य राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते से हुआ मामलों का निष्पादन। Voice of Darbhanga
मुख्य - September 8, 2018

राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते से हुआ मामलों का निष्पादन। Voice of Darbhanga

दरभंगा: शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ जिसमे सैकड़ो मामले आपसी समझौते से निपटाए गए। लोक अदालत में फौजदारी के 211 मामले आये, जिनमे 87 का निष्पादन हुआ. बिजली चोरी के 4, सिविल के 8 मामले से 6 का निष्पादन हुआ।
इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरूणेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि समझौता समय की मांग बन गई है. जरूरत इस बात है कि लोग लोक अदालत के पैगाम को समझें और आपसी कटुता भुलाकर विकास की मुख्यधारा से जुड़े। जिला जज राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन के अवसर पर संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सामाजिक शांति और विकास के पैगाम का दूसरा नाम लोक अदालत है। यहां निष्पादित वादों का अपील कहीं नहीं हो सकता। लोक अदालत का उद्देश्य है कि छोटे-छोटे विवादों के मकरजाल में फंसे पक्षकारों के बीच समझौता कराकर निजात दिलाना। इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विवाद निपटारे की दिशा में लोक अदालत का प्रयोग काफी सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश विवादों का मूल कारण आपसी कटुता और जिद है। इसके माध्यम से निष्पादित मामलों में दोनों ही पक्षों की जीत होती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के दो फायदे हैं, एक तो वादों के अधिकाधिक निष्पादन से न्यायालय का बोझ घटना है। वहीं अदालत में गंभीर प्रकृति से लंबित मामलों का सुचारू रूप से संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इतना ही नहीं निष्पादन में कोई शुल्क नहीं लगता, बल्कि जमा न्याय शुल्क भी वापस हो जाता है. इससे समय और अर्थ की बचत होती है। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश बेनी माधव पांडेय, एडीजे अजीत कुमार सिन्हा, ब्रजेश कुमार मालवीय, रूपेशदेव, सीजेएम संपत कुमार, बार एसोशिएशन के अध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद, एसीजेएम राजेश कुमार द्विवेदी, अजय कुमार, जावेद आलम, अक्षय कुमार, शैलेन्द्र कुमार, विवेकचंद्र वर्मा सहित सभी न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पक्षकार और न्यायालय कर्मी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्राधिकार के सचिव आशुतोष खैतान ने किया।

Share

Leave a Reply