Home मुख्य समन्वय बनाकर सभी विभाग पोषण अभियान को सफल बनायें: डीएम। Voice of Darbhanga
मुख्य - September 10, 2018

समन्वय बनाकर सभी विभाग पोषण अभियान को सफल बनायें: डीएम। Voice of Darbhanga

दरभंगा: जिला को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए चल रहे पोषण अभियान में सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम करें। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने समाहरणालय स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सभागार में सभी विभागों के समन्वय के लिए आयोजित बैठक में उक्त निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा कारण लोगों में जागरूकता की कमी है। अगर लोग अपने दैनिक जीवन में आहार व्यवहार में थोड़ा सुधार कर लें तो कुपोषण जड़ से खत्म हो जाएगा । सभी अधिकारियों को उन्होंने गांव एवं टोले में जाकर लोगों के स्थानीय भाषा में कुपोषण के दुष्चक्र से अवगत कराने को कहा तथा इससे बचने के उपायों के बारे में भी रोचक तरीके से बताने का निर्देश दिया।
कार्यशाला में बताया गया है कि 22 सितंबर को जिला स्तर पर पोषण मेला का आयोजन होगा । 28 सितंबर को पूरे जिले में प्रभात फेरी निकलेगी । इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में नियमित रूप से स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । आईसीडीएस के डीपीओ अलका आम्रपाली ने बताया कि सरकार के द्वारा कुपोषण, बौनेपन एवं स्वास्थ्य संबंधी मानकों में प्रति वर्ष 2% की दर से सुधार का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सितम्बर महीने के विशेष पोषण अभियान कार्यक्रम के साथ साथ पूरे साल भर के लिए कार्य योजना बनाकर उस पर अमल करने की जरूरत है। कार्यशाला में समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गई । जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि स्कूलों एवं गांवों में इन फिल्मों को दिखाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण साक्षरता के इस कार्यक्रम को किसी युवती के शादी से लेकर गर्भधारण, प्रसव एवं बच्चों के देखभाल सभी स्तरों पर ध्यान देने योग्य तथ्यों को समाहित करते हुए लोगों को जागरूक करें । लोग अपने खानपान के तरीकों में परिवर्तन करें तथा मौसमी फल एवं सब्जी आदि का प्रयोग करें तो कुपोषण आसानी से दूर हो जाएगा । इसके साथ ही लौह एवं कैल्शियम की गोली, डी वार्मिंग की दवा ,सही समय पर टीकाकरण, स्वच्छता एवं पोषाहार कार्यक्रम के सही तरीके से क्रियान्वयन एवं जन्म के 1 घंटे के अंदर मां का दूध देने से कुपोषण को खत्म किया जा सकता है । आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रत्येक घरों में विजिट कर महिलाओं को जागरुक कराना सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी सभी सीडीपीओ को दिया गया। सभी महीनों के 19 तारीख को होने वाले अन्नप्राशन दिवस को भी विशेष रूप से आयोजन करने को कहा गया ,जिससे कि 6 माह से ऊपर के बच्चे में ऊपरी आहार देने की परंपरा बड़े प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो।
उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय अन्य पदाधिकारियों को इस विशेष अभियान में रुचि लेकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने को कहा। कार्यशाला में यह बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी क्रियाकलापों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
स्कूलों में चेतना सत्र के साथ-साथ क्विज, निबंध लेखन एवं अन्य क्रियाकलापों के द्वारा भी पोषण जागरूकता आयोजित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिला के सभी स्कूलों में चेतना सत्र का संचालन लाउडस्पीकर के माध्यम से अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करावे।
सिविल सर्जन के द्वारा बताया गया कि बच्चों में होने वाली अधिकांश बीमारी का मूल वजह कुपोषण है। जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए उचित आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
सभी आंगनवाड़ी केंद्रों एवं जीविका दीदियों के घरों के आसपास पोषण बगीचा लगाने पर भी जोर देने को कहा गया । सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल कुंजि का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने का निर्देश दिया गया।। प्रखंड स्तर पर 14 सितंबर को ब्लॉक स्तरीय समन्वय समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन लोगों ने अपना शौचालय बना लिया है उसका तुरंत भुगतान कर दें साथ ही नल जल एवम सात निश्चय की योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण कारण क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें । कार्यशाला में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी सीडीपीओ एवं केयर इंडिया एवं अन्य के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

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