Home मुख्य जागरूकता का अभाव है कुपोषण का सबसे बड़ा कारण: डीएम। Voice of Darbhanga
मुख्य - September 22, 2018

जागरूकता का अभाव है कुपोषण का सबसे बड़ा कारण: डीएम। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा: कुपोषण का सबसे बड़ा कारण जागरूकता का अभाव है । सभी सुविधाओं के रहते हुए जागरूकता में कमी के कारण लोग विभिन्न तरह की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित पोषण अभियान अंतर्गत पोषण मेला सह लोक संवाद कार्यक्रम के अवसर पर उक्त बातें कही। स्थानीय एम् एल अकैडमी दरभंगा में आयोजित इस पोषण मेला सह लोक संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा शिशु, गर्भवती एवं धात्री माता तथा किशोरियों के स्वास्थ्य संवर्धन एवं पोषण के लिए कई तरह की सहायता प्रदान की जा रही है। इसका समुचित लाभ प्राप्त कर सब को स्वस्थ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम से पोलियो की तरह कुपोषण भी समाज से समाप्त होगा एवं स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण के दुष्चक्र की शुरुआत बाल विवाह से होती है । इसलिए बाल विवाह को समाज से पूर्ण रूप से समाप्त करना हम सब की जिम्मेवारी है। गर्भावस्था में उचित खानपान, नियमित जांच, नियमित एवं पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, बच्चा के जन्म के 1 घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना, 6 माह तक सिर्फ मां का दूध ही देना ,बच्चों के सभी टीके समय पर लगवाना तथा छह माह के बाद पूरक पोषक आहार देने जैसी बातें जन जन तक फैलाने की जरूरत है । इसमें आंगनबाड़ी सेविका सहायिका की भूमिका महत्वपूर्ण है । इस तरह के पोषण मेला को उन्होंने प्रखंड स्तर पर भी लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर कमजोर बच्चा पैदा ले हो तो उसे उसकी देखभाल के लिए भी अस्पतालो में पर्याप्त व्यवस्था है। इस सुविधा का लोग लाभ उठाएं।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने पोषण मेला में विभिन्न विभागों के द्वारा लगाए गए स्टॉल तथा पोषण वाटिका का अवलोकन किया । उन्होंने पोषण जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो, डीआरडीए के निदेशक वसीम अहमद, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी अलका आम्रपाली, जिला शिक्षा पदाधिकारी महेश प्रसाद सिंह समेत अन्य संबंधित अधिकारी सभी सीडीपीओ आंगनवाड़ी सेविका सहायिका सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

Share

Leave a Reply