Home मुख्य छात्रों की प्रतिभा निखारना शिक्षकों का दायित्व : कुलपति। Voice of Darbhanga
मुख्य - October 2, 2018

छात्रों की प्रतिभा निखारना शिक्षकों का दायित्व : कुलपति। Voice of Darbhanga

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के महात्मा गांधी सदन में गांधी जी के जयंती के अवसर पर अहिंसक हिंसा और गांधी विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक का दायित्व है कि वे छात्रों की प्रतिभा को विकसित कर उन्हें जिम्मेवार नागरिक बनावें। ऐसा करना ही गांधी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि गांधी जी देश ही नहीं विदेशों में प्रासंगिक हो गये हैं। विश्व में शांति गांधी दर्शन से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी मात्र विचार नहीं एक दर्शन है और समय की पुकार है कि इसे अपने जीवन में उतारे। इस अवसर पर तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के डॉ. भगवान सिंह ने कहा कि हमारे ऋषिमुनी बड़े ही दूरद्रष्टा थे। जिन्होंने हिंसा के समय में अहिंसा का अविकाष्कार किया. जो न्यूटन के आविष्कार से भी बड़ा है। उन्होंने कहा कि गांधी के जीवन में हिंसा का कोई स्थान नहीं था। प्रतिकुलपति प्रो. जयगोपाल ने कहा कि गांधी जी की स्वच्छता में सिर्फ गंदगी की सफाई नहीं बल्कि मन की स्वच्छता भी थी। इस अवसर पर प्रो. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि छात्रों को वर्ग तक लाकर ही हम गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकेंगे। अतिथियों का स्वागत करते हुए हिन्दी विभागध्यक्ष डॉ. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि निबंध प्रतियोगिता और स्वच्छता कार्यक्रम बेहतर पहल है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कुलसचिव कर्नथ निशीथ कुमार राय ने कहा कि छात्र विश्वविद्यालय की पूंजी है। उनकी समस्याओं का निराकरण करना विश्वविद्यालय की प्रथम जिम्मेवारी है। तालाबंदी समस्या का निराकरण नहीं होतो, बल्कि आमने-सामने बैठकर समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। मचं संचालन कार्यक्रम प्रभारी विनय कुमार चौधरी ने किया।

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