
गाँव के नाम के विवाद को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक का शिलापट्ट उखाड़। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बिठौली अतरवेल में बनाए गए काली मंदिर की चहारदीवारी का उद्घाटन संबंधी बोर्ड विधायक के आने से पूर्व ही उपद्रवियों ने उखार लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची सिंहवाड़ा पुलिस को देख कर चहारदीवारी के पास खड़े लोग भाग खड़े हुए। सिंहवाड़ा पुलिस ने उद्घाटन संबंधी बोर्ड को अपने कब्जे में कर लिया। सिमरी पुलिस के पहुंचते ही बोर्ड उसके हवाले कर दिया। सिमरी पुलिस ने बोर्ड को मंदिर परिसर में ही पुलिस अभिरक्षा में रखा है। प्रखंड क्षेत्र के सनहपुर में पंचायत सरकार भवन का शिलान्यास करने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ बिठौली पहुंचे विधायक ने उद्घाटन संबंधी बोर्ड गायब देखा तो उद्घाटन का कार्य स्थगित कर वहां से मायूस होकर लौट गए।
बताया गया है कि मंदिर परिसर के पास सिंहवाड़ा और सिमरी थाने की सीमा है। साथ ही अतरवेल और बिठौली गांव का सीमा भी उसी आसपास है। उद्घाटन वाले बोर्ड पर स्थल का नाम बिठौली कंसी सिमरी लिखा गया था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो विभागीय जेई ने बोर्ड से कंसी सिमरी शब्द को मिटा दिया। अब अतरवेल के लोग नाराज हो गए। उनका कहना था की बिठौली के साथ-साथ अतरवेल गांव का नाम होना चाहिए। दोनों गांव के बीच चौक के नामकरण का विवाद वर्षों से न्यायालय तक चल रहा है। इस संबंध में विधायक जीवेश कुमार ने बताया कि उद्घाटन के बोर्ड चोरी के मामले में एक दो युवक का नाम आ रहा है, जिनके यहां से बोर्ड को बरामद किया है। पुलिस आगे की कार्रवाई क्या कर रही है यह अब तक पता नहीं चला है।
इस संबंध में विभागीय जेई मो. निजामुद्दीन से पूछने पर बताया कि उद्घाटन या बोर्ड के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि चोरी होने या गायब होने के बारे में मैं कुछ नहीं जानता। सिमरी थानाध्यक्ष पंकज झा ने बताया कि इस संबंध में अभी किसी ओर से आवेदन नहीं आया है। मामले की जांच की जा रही है।

