Home मुख्य छात्रों की बौद्धिक क्षमता को देखते हुए हो पाठ्य सामग्री का निर्माण: कुलपति। Voice of Darbhanga
मुख्य - October 7, 2018

छात्रों की बौद्धिक क्षमता को देखते हुए हो पाठ्य सामग्री का निर्माण: कुलपति। Voice of Darbhanga

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे छात्रों की बौद्धिक क्षमता को देखते हुए पाठ्य सामग्री का निर्माण करें। कुलपति आज ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय तथा यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में डेवलपमेन्ट आॅफ स्टडी मेटेरियल आॅन अंडर स्टैंडिंग सेल्फ विषय पर आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दूरस्थ माध्यम में स्व-अधिगम सामग्री का काफी महत्व है। सेल्फ अंडरस्टेंडिंग विषय पर अभी तक एस.एल.एम में पाठ्य सामग्री का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में प्रतिभागियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सिर्फ इस विश्वविद्यालय के लिए नहीं अपितु यहां पर तैयार सामग्री राष्ट्रीय स्तर के मानक का होना चाहिए। इसे ध्यान में रखकर पाठ्यसामग्री निर्माण करने की आवश्यकता है। यूनीसेफ के बिहार शाखा के डॉ. प्रमिला मनोहरन ने कहा कि यह विषय व्यक्ति में बदलाव लाता है। कैसा व्यवहार हमें करना यह विषय सीखाता है। राष्ट्रीय अध्यापन शिक्षा परिषद् ने इसे शिक्षक प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में शामिल किया है। जिसका लाभ आने वाली पीढ़ी को मिले। जिस विषय वस्तु का निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए किया जाता है। उसका अपना अलग महत्व हो जाता है। जिसे देखते हुए पाठ्य सामग्री निर्माण को गम्भीरता से लेने की जरूरत है। इस अवसर पर डॉ. एस.एम. मोइन ने भी अपने विचार रखे। स्वागत भाषण डॉ. सरदार अरविन्द सिंह और धन्यवाद ज्ञापन विनय कुमार चौधरी ने किया। मंच संचालन विजय कुमार ने किया।

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