
पूरे विधि विधान और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ आस्था का महापर्व छठ। Voice of Darbhanga

दरभंगा : उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद चार दिवसीय सूर्य उपासना का महापर्व छठ संपन्न हो गया। इस पर्व की खासियत है कि इसमें जात-पात, छोटे-बड़े, आम और खास का भेद नहीं रहता। भाष्कर को अर्घ्य देने में एक तरफ कमजोर से कमजोर के तबका के लोग, तो दूसरे तरफ राजनेता भी एक साथ जलाशयों में खड़ा होकर अर्घ्य देते हैं, यही ऐसा पर्व है, जिसमें छुआछूत की बूं तक नहीं आती है। एक साथ छठ घाट पर प्रसाद रखते हैं और एक साथ भगवान भाष्कर को अर्पित करते हैं। शहरी क्षेत्र ही में नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी जहां अब भी छुआछूत की बात होती है, लेकिन छठ पर्व के मौके पर ऐसा नहीं होता है। उच्च वर्ग से लेकर सभी तबकों के महिला-पुरूष एक साथ छठ व्रत करते हैं और सबों का प्रसाद एक-दूसरे मिलकर खाते हैं, जो पर्व की महिमा को दर्शाता है। आम लोगों के साथ-साथ भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपालजी ठाकुर ने भी अपने पैतृक गांव बिरौल प्रखंड के पररी गांव में सतीघाट तालाब में छठ व्रत किया और सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके अलावे सभी लोग पूरे नियम निष्ठा से पूजा-अर्चना करते हैं और प्रकृति से मिलने वाले सभी फलों का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करते हैं। शहरी क्षेत्र में तो बिजली की सजावट दीपावनी के दिन से ही होती है और लोग छठ तक अपने-अपने घरों को रंगीन बल्वों से सजाकर रखते हैं पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी छठ घाटों को आकर्षक ढ़ंग से सजाया जाता है और जगह-जगह सांस्कृति कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं।

