
राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने वाली संस्कृत भाषा की समग्र उन्नति का प्रयास जरूरी: राज्यपाल। Voice of Darbhanga

दरभंगा: राज्यपाल व कुलाधिपति लालजी टंडन ने कहा कि भारतवर्ष में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर भाषावाद, प्रांतवाद, क्षेत्रवाद, आतंकवाद व जातिवाद जैसे कई नकारात्मक विचारों के कारण राष्ट्रवादी ताकतों को चुनौतियां मिल रही हैं। भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने के लिए पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने वाली संस्कृत भाषा की समग्र उन्नति का सार्थक प्रयास जरूरी है। वे मंगलवार को कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में बतौर अध्यक्ष बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक भाषा वैज्ञानिकों की स्पष्ट मान्यता है कि संस्कृत आज के तकनीकी विकास के युग में पूरे विश्व में कम्प्यूटर के दृष्टिकोण से भी सर्वाधिक उपयुक्त भाषा है।
उन्होंने कहा कि काशी के साथ मिथिला की धरती संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केन्द्र रही है। संस्कृत में लिखी गईं रामायण व महाभारत विश्व साहित्य में बेमिसाल उपलब्धियां हैं। राज्यपाल ने प्राथमिक शिक्षा में संस्कृत साहित्य के आदर्शों को समाहित करने पर बल दिया। कहा कि संस्कृत जैसे बोली जाती है, वैसे ही लिखी जाती है। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि लेने वाले छात्र-छात्राओं से भाषा का प्रचार-प्रसार करने की अपील की।

