
एयर शो के अंतिम दिन वायुसेना के जवानों ने किया अपने शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन। Voice of Darbhanga
दरभंगा: दरभंगा एयर फोर्स स्टेशन परिसर में मंगलवार को वायुसेना ने अपनी शक्ति का एहसास कराया। सुबह करीब पौने 11 बजे शुरू हुए यह कार्यक्रम 30 मिनट तक चला। भारतीय वायुसेना के आठ जांबाजों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। करीब आधा घंटे तक जाबाजों ने छह कलाओं का प्रदर्शन किया। देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। बिहार में पहली बार हुआ है।
आरंभ ‘सारंग के क्लोज फॉरमेशन से किया। इसमें काफी करीब से हेलीकॉप्टर को उड़ाया गया। करतब शुरू होते ही दर्शकों ने ‘सारंग के जांबाजों की तालियों की गड़-गड़ाहट से अभिनंदन किया। चार हेलीकॉप्टर (सारंग) को आठ जाबाजों ने उड़ाया और हवा में अलग-अलग आठ कलाएं दिखाईं। हरेक करतब दर्शकों को रोमांचित कर रहा था। डायमंड व हर्ट फॉरमेशन ने तो दांतों तले उंगली भी दबाने को मजबूर कर दिया।
टीम लीडर विंग कमांडर सचिन आनंद गदरे, डिप्टी लीडर विंग कमांडर विकास कुमार साहु, पाइलट सुनील धनखड़, आदित्य सिंह पवार, संतोष कुमार मिश्रा, स्क्वाड्रन लीडर स्नेहा कुलकर्णी, प्रदयुम्न चटर्जी, जनप्रिय मेठसरा, आदर्श ठाकुर, फ्लाइट लेफ्ट. कार्थिक, महेश कुमार पुण्डीर, इंजीनियरिंग ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर परनदमन और कॉमेंनटेटर स्क्वाड्रन लीडर टिंजू थॉमस । सारंग क्यों पड़ा नाम : विंग कमांडर सचिन ने बताया कि सारंग राष्ट्रीय पक्षी मोर को कहते हैं। यह टीम हेलीकॉप्टर को मोर की तरह ही नचाता है। हेलिकॉप्टर पर मोर की तस्वीर भी बनाई गई है।

