
कभी तारीफों के कसीदे गढ़ चुके फातमी को अब समीकरण बदलने पर संजय झा लगने लगे झूठे! Voice of Darbhanga
29.11.2018
दरभंगा: यूँ तो राजनीति कहावत है कि न कोई स्थायी दोस्त होता है और न दुश्मन। बस मौका और समीकरण के अनुसार दोस्त या दुश्मन बनते हैं।
इसी कहावत का ताज उदाहरण बुधवार को दरभंगा की राजनीति में भी देखने मिला जब 2014 चुनाव से पूर्व संजय झा के तारीफों के कसीदे गढ़ चुके राजद के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बिना नाम लिए जदयू महासचिव संजय झा को एम्स एवं एयरपोर्ट मामले में झूठा श्रेय लेने वाला कह दिया। श्री फातमी ने दरभंगा में किसी भी तरह का योगदान संजय झा का नही होने की बात कहते हुए यह भी सलाह दे दी कि यदि इतने ताकतवर और लोकप्रिय हैं तो एम्स और एयरपोर्ट मधुबनी ले जाकर दिखाएं और मधुबनी से ही चुनाव लड़ें।
जब संजय झा की तारीफ उन्होंने की थी, उस समय उनके सीधे मुकाबले में सांसद कीर्ति आजाद थे। उस समय उन्हें कीर्ति झूठे और संजय झा अच्छे व्यक्ति लगे थे जिसकी उन्होंने मीडिया के सामने जमकर तारीफ की थी। और वह वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। पर जब अब एनडीए गठबंधन से संजय झा की चर्चा हो रही है चुनाव लड़ने की और भाजपा के निलंबित सांसद के महागठबन्धन में जाने की तो ऐसे में राजद नेता का सुर बदल जाना कोई बड़ी बात नही। 2014 के चुनाव से ठीक पहले उनके लिए संजय झा नाईस पर्सन और कीर्ति बुरे थे। पर जब समीकरण बदले तो अब 2019 के चुनावी समर से ठीक पहले श्री फातमी का विचार भी बिल्कुल पलट सा गया दिखता है।
अब सवाल यह उठता है कि यदि चुनाव से ठीक पहले गठबन्धन की स्थिति में फेरबदल हुआ तो क्या फिर श्री फातमी के सुर बदलेंगे और उन्हें अच्छा बुरा लगना नये नजरिये नजर आने लगेगा, देखने वाली बात होगी।


