Home मुख्य निगरानी की टीम ने घूस लेते ड्रग इंस्पेक्टर और चपरासी को रंगे हाथ दबोचा। Voice of Darbhanga
मुख्य - November 29, 2018

निगरानी की टीम ने घूस लेते ड्रग इंस्पेक्टर और चपरासी को रंगे हाथ दबोचा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: पटना निगरानी मुख्यालय की नौ सदस्यीय टीम ने गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय में छापेमारी कर ड्रग इंस्पेक्टर अवधेश कुमार सिंह व ड्रग इंस्पेक्टर कार्यालय के चपरासी राजेंद्र यादव को 60 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। दोनों को साथ लेकर टीम मुजफ्फरपुर रवाना हो गई। मुजफ्फरपुर में निगरानी के कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को पटना ले जाया जाएगा। दोनों घूसखोरों को दबोचने पर सिविल सर्जन कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकतर कर्मियों ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया। गिरफ्तार ड्रग इंस्पेक्टर मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। वहीं चपरासी राजेंद्र यादव दरभंगा शहर के कृष्णापुरी मोहल्ले का निवासी है।
निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर अवधेश कुमार सिंह ने करीब 15 दिन पहले शहर के शिवाजीनगर स्थित डॉ. रामबाबू खेतान के इंद्रा मेमोरियल अस्पताल के दवा भंडार के लाइसेंस को स्थगित कर दिया था। खामियों को पूरा करने के बाद डॉ. खेतान ड्रग इंस्पेक्टर से लाइसेंस बहाल करने का अनुरोध कर रहे थे। लाइसेंस बहाल करने में ड्रग इंस्पेक्टर टाल- मटोल कर रहा था। इसी बीच राजेंद्र यादव के माध्यम से डॉ. खेतान से लाइसेंस बहाल करने के लिए 60 हजार की मांग की जाने लगी। दोनों के रवैये को देखते हुए डॉ. खेतान ने निगरानी विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद निगरानी के अधिकारियों ने दोनों को दबोचने के लिए जाल बिछाया। निगरानी के कहने पर डॉ. खेतान ड्रग इंस्पेक्टर व चपरासी को 60 हजार रुपये देने पहुंचे। उन लोगों के रुपये थामते ही निगरानी की टीम ने दोनों को दबोच लिया। निगरानी डीएसपी गोपाल पासवान के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम में इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार, आरपी जायसवाल, जहांगीर आलम आदि शामिल थे। निगरानी डीएसपी गोपाल पासवान ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

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