
दुर्घटना में घायल इलाजरत एमआर की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज। Voice of Darbhanga
29.21.2018
दरभंगा: बेनीपुर-दरभंगा एसएच पर सोनकी ओपी क्षेत्र के देकुली चट्टी के पास बुधवार को हुई बस दुर्घटना में घायल जितेंद्र ठाकुर की इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। इसे आक्रोशित परिजनों ने अल्लपट्टी स्थित पारस हॉस्पिटल के सामने जबरदस्त बवाल किया। उन्होंने सुबह आठ बजे से ही वीआईपी पथ को नर्सिंग होम के सामने जाम कर दिया। लगभग छह घंटे तक आवागमन ठप रहने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर जाम हटाया। लाठीचार्ज में कुछ लोगों को चोटें आईं।
लाठीचार्ज से आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। इसमें एक पुलिसकर्मी पत्थर लगने से घायल हो गया।
मृतक के सहकर्मी ने बताया कि जितेंद्र ठाकुर व राजा ठाकुर को घायल अवस्था में बुधवार को तीन बजे पारस में भर्ती कराया गया था। कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने बताया कि जल्द से जल्द ब्लड की व्यवस्था की जाए। परिजनों ने आधे घंटे में ब्लड की व्यवस्था की। इसके बावजूद करीब साढ़े छह बजे तक उसका कुछ इलाज नहीं हुआ। जब उसकी मौत हो गई तो आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन ने 72 हजार रुपये का बिल थमाकर जितेंद्र को पटना रेफर कर दिया। अस्पताल प्रशासन के पास एंबुलेंस रहने के बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करायी गयी, न ही किसी डॉक्टर ने इलाज की पर्ची दी। हालांकि वे लोग दूसरी एंबुलेंस से जितेंद्र को पटना ले जा रहे थे। इसी दौरान उन लोगों को आशंका हुई कि जितेंद्र की मौत हो चुकी है। उसके बाद उन लोगों ने संतुष्टि के लिए मुजफ्फरपुर के एक निजी नर्सिंग होम में जांच करायी। वहां बताया गया कि काफी देर पहले ही जितेंद्र की मौत हो चुकी है।
इस संबंध में मुख्यालय डीएसपी प्रफुल्ल कुमार सिन्हा ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। शव का पोस्टमार्टम डीएमसीएच में करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मालूम हो कि गत बुधवार को बस व बाइक की टक्कर में बाइक सवार दो दवा प्रतिनिधि गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इनमें रामबहादुर मुखिया की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। वहीं, दवा प्रतिनिधि जितेंद्र ठाकुर व राजा ठाकुर को पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जितेन्द्र लहेरियासराय थाना क्षेत्र के खाजासराय निवासी यदुनंदन ठाकुर का पुत्र था। इधर, अस्पताल प्रबंधन ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एमआर मधुबनी के पास दुर्घटना में घायल हो गया था। उसे डीएमसीएच से यहां लाया गया था। उसकी जान बचाने का हरसंभव प्रयास किया गया। परिजनों की मांग पर उसे रेफर कर दिया गया।


