Home मुख्य मिथिला ग्राम्य दालान में जीवंत हुई स्थानीय लोक संस्कृति एवं विरासत। Voice of Darbhanga
मुख्य - December 2, 2018

मिथिला ग्राम्य दालान में जीवंत हुई स्थानीय लोक संस्कृति एवं विरासत। Voice of Darbhanga

02.12.2018
दरभंगा: दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव में आयोजित मिथिला ग्राम्य दलान कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोक संस्कृति एवं परंपराओं तथा विरासत के जीवंत तस्वीर उभर कर सामने आए। लोक कलाकारों ने लुप्त होती जा रही अपने गौरवमयी परंपरा को लोगों के सामने प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि लोक संस्कृति की जड़ें आधुनिक गीत संगीत से कहीं अधिक गहराई में जाकर जमी है। यह आम जनमानस के हृदय की आवाज है।

ग्राम में दालान में शंभू प्रसाद यादव ने भुइया बख्तौर , रुदल पंजियार ने कारू खिरहर लोकगाथा को अत्यंत ही मनोहारी तरीके से प्रस्तुत किया। उषा पासवान के लोक नृत्य, बचकईंन पासवान द्वारा दुलरा दयाल सिंह की लोकगाथा, उत्तम यादव के लोरीकायन, धरोहर मंच के लोक नृत्य, सोनी स्वर श्रृंगार के शास्त्रीय नृत्य , धरोहर संस्कृति मंच की अद्भुत प्रस्तुतियों ने भी लोगों को बांधे रखा एवं मिथिला की गौरवमयी परंपरा से लोगों को अवगत कराया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मिथिला दलान का मुख्य उद्देश यहां की विशुद्ध लोक परंपरा को न सिर्फ लोगों के बीच उभारकर सामने लाना है बल्कि इसका संरक्षण और संवर्धन भी करना है। उन्होंने कहा की मिथिला ग्राम्य दलान मिथिला लोक उत्सव के विशुद्ध रूप को प्रतिबिंबित करता है। इस अवसर पर. वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक, उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो ,अपर समाहर्ता विरेंद्र प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार, सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ लालबाबू सिंह, उमेश राय राम बुझावन यादव समेत काफी संख्या में लोक संस्कृति प्रेमी जन उपस्थित थे।

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