
बाइक से हवा निकालते देख पुलिस वाले पर भड़के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष। Voice of Darbhanga
06.12.2018
दरभंगा: गुरुवार 06 दिसम्बर को एक बार फिर जिला प्रसासन द्वारा दरभंगा व्यवहार न्यायालय के बाहर सड़क किनारे लगे वाहनों के पहिये से हवा निकाल दिया गया। इसी क्रम में कोर्ट परिसर के बाहर लगे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट तनवीरुल हसन ने एक बाइक के पहिये का हवा निकाल रहे पुलिसकर्मी के इस रवैये से खफ़ा होकर इसे पूर्ण रूप से गलत बताया। उन्होंने कहा कि आज बाबरी मस्जिद का जुलुस निकला था जिसके कारण जिला-समाहरणालय व कोर्ट के हरेक गेट को बंद कर दिया गया था। इसी कारण उन्होंने भी परिसर के बाहर ही अपने वाहन को लगा दिया और इधर पुलिस कई वाहनों के पहिये से हवा निकाल दी।
एडवोकेट हसन ने कहा कि दूर-दराज से लोग आते हैं, कुछ को इमरजेंसी होती है, तो कुछ को यहाँ बगल में फोटो-स्टेट करवाना होता है, कुछ छात्र आते हैं चरित्र-प्रमाण पत्र बनवाने तो किन्ही को एफिडेविट बनवाना होता है। ऐसे कामों के लिए बार-बार आना जाना पड़ता है तो क्या अगर कोई पांच बार कोर्ट आएगा जाएगा तो उतने दूर जाकर गाडी लगाएगा और पांच-पांच बार पार्किंग का पैसा देगा? बजाय ऐसी हरकत करने के पुलिस-पब्लिक रिलेशन बेहतर बनाएं।
गौरतलब है कि पूर्व में कोर्ट परिसर के अन्दर दूर-दराज व कोर्ट के कार्य से आने वाले आमजनों के साथ-साथ वकीलों की भी गाड़ियाँ परिसर के अन्दर ही लगती थी। किन्तु बाद में कोर्ट परिसर के सुरक्षाओं के मद्देनजर परिसर के अंदर आमजनों के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया था। सिर्फ वकीलों और कोर्ट कर्मियों के वाहनों को ही प्रवेश दिया जाने लगा। किन्तु हाल ही में शहर के पूर्व एसएसपी मनोज कुमार ने शहर से अतिक्रमण हटाने की पहल की तो कोर्ट-परिसर के बाहर वाहनों के पार्किंग पर पूर्ण रूप से रोक लगा दिया। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिला-समाहरणालय के पीछे खुले-आसमान के निचे शुल्क देकर पार्किंग का व्यवस्था किया गया। हालांकि यह शुल्क किसके द्वारा तय की गयी है और यह शुल्क कहाँ जाती है इसका उल्लेख कहीं नहीं है।
यहाँ इस बात का उल्लेख करना भी आवश्यक है कि जिला-समाहरणालय और पोलो मैदान के पीछे जिस जगह अभी पार्किंग की व्यवस्था की गयी है वहीं अब धरनास्थल का निर्माण किया किया जा रहा है और पुराने धरनास्थल को तोड़ कर वहां ऑडीटोरियम का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में यह भी प्रश्न उठता है कि नए धरनास्थल के प्रयोग में आने के बाद अब पार्किंग कहाँ किया जाएगा?


