
अपराध की साजिश रचते धराये गिरोह का सरगना निकला बीटेक इंजीनियर।
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दरभंगा: सिमरी थाना क्षेत्र के बिठौली चौक से लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किए गए चार बदमाशों में एक इंजीनियर भी शामिल है। जो इस गिरोह को लीड कर रहा था। सरगना अरविद कुमार ठाकुर हाल के दिनों में दिल्ली में रहकर बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद एक चर्चित एसी कंपनी में नौकरी करने लगा। लेकिन, आपराधिक विचारधारा रहने की वजह से वह बराबर दिल्ली से अपने घर सीतामढ़ी पहुंचता था और अपने शार्गिदों के साथ वाहन लूटने का काम करता था। घटना को अंजाम देने के बाद अरविद वापस दिल्ली चला जाता था। यह जानकारी अरविद ने पूछताछ दौरान दी है। नगर एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस गिरोह में शामिल सभी बदमाश में काफी शातिर हैं। ये लोग बाइक से लेकर बड़े वाहनों को लूटते हैं। गिरफ्त में आए सुरसंड थाने के सुरसंड मैदान टोल निवासी अरविद ठाकुर के अलावा रोशन कुमार पांडेय, रोहित मिश्रा और अजय कुमार मंडल के आपराधिक इतिहास को खंगालने में पुलिस जुटी है। इन लोगों के पास बरामद डस्टन कार एचआर-26इए-3161, काला रंग का एक हेल्मेट, तीन मोबाइल, वाहन ऑनर बुक, एटीएम, दो ड्राइविग लाइसेंस और एक पेटियम कार्ड बरामद किया गया है। नगर एसपी ने बताया कि कार से सवार होकर चारों बदमाश ने 16 अगस्त की रात्रि में जाले थाने क्षेत्र से जिले में प्रवेश किया। इसके बाद सभी बदमाश जाले में ही बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश की। लेकिन, किस्मत ने साथ नहीं दिया। इसके बाद सभी कार से सिमरी थाने के बिठौली चौक स्थित दरभंगा-मुजफ्फरपुर फोरलेन पर घटना को अंजाम देने की फिराक में लग गए। लेकिन, उससे पहले गश्ती दल की नजर कार पर पड़ गई। कार के आगे हरियाणा का नंबर एचआर-26इए-3161 तो पाया गया। लेकिन, पीछे का नंबर प्लेट गायब पाया गया। संदिग्ध स्थिति लगने पर पुलिस आगे बढ़ने के बाद भी वापस हुई और कार के पास खड़े चार लोगों से पूछताछ की। शक होने पर सभी को दबोच कर तलाशी ली गई। कार से लोहे के औजार से संबंधित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। नगर एसपी कुमार ने बताया कि चारों बदमाशों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। सभी ने स्वीकार किया कि जाले में हाथ नहीं लगने के कारण ये लोग बिठौली चौक तक पहुंच गए, जहां ये लोग कम से कम एक बाइक लूट कर अपना शुभ मुहूर्त बनाने की फिराक में थे। सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पूर्व की घटना में शामिल होने का प्रमाण मिलते ही सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

