Home Featured सर्वे टीम द्वारा बतायी गयी मूलभूत समस्याओं को दूर किये बिना हुई एम्स निर्माण की घोषणा पर मना जश्न।
Featured - मुख्य - January 6, 2020

सर्वे टीम द्वारा बतायी गयी मूलभूत समस्याओं को दूर किये बिना हुई एम्स निर्माण की घोषणा पर मना जश्न।

देखिये जश्न का वीडियो भी।

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दरभंगा: दरभंगा की राजनीति में चुनावी वर्षो में योजनाओं की घोषणा एवं शिलान्यासों की बाढ़ कोई नयी बात नही है। और यदि घोषणा से पीछे चुनावी वर्ष में हटे तो चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसी क्रम में कभी दरभंगा में एम्स की संभावना तकनीकी कारणों से इनकार करने वाले स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने दरभंगा में एम्स निर्माण होने की योजना पर जुबानी मुहर लगा दी है। यहां तक भी जुबानी मुहर लगा दी कि 10 दिनों के भीतर अधिसूचना जारी हो जाएगी। कई बार हाँ और ना से जनता कहीं शसंकित न रह जाय, इसलिए बात यहीं तक नही छोड़ी और प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास की घोषणा भी कर दी। उन्होंने यह भी बताया कि सारी तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है।
कहीं जश्न मनाने में कोई बाधा फिर न आ जाये, इसलिए इस खबर के आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिना समय गंवाए ढोल नगाड़ो के साथ आनन फानन में धन्यवाद यात्रा निकाल कर होली दिवाली एकसाथ मना ली। युवा भाजपा कार्यकर्ता बालेंदु झा ने कहा कि वर्षो से दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिलांचल की मांग थी कि दरभंगा में एम्स का निर्माण हो। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने इसका ऐलान कर दिया है। लहेरियासराय टावर के पास इसको लेकर धन्यवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सबको रंग और गुलाल लगाकर जश्न मनाया।
हालांकि हाल में दुबारा आयी सर्वे टीम ने एम्स केलिए लो लैंड की हाइट को बढ़ाना, ट्रैफिक समस्या को दूर करना, ओवरब्रिज का निर्माण एवं फोरलेन कनेक्टिविटी आदि मूलभूत जरूरते बतायी थी। इसके बाद ही एम्स निर्माण सम्भव होने की बात कही थी। श्री चौबे द्वारा या भाजपा के नेताओ द्वारा इन मूलभूत समस्याओं को दूर करने की दिशा में क्या प्रयास किये गए और कब तक दूर कर लिए जायेंगे, इस संबंध में कोई जानकारी नही दी गयी। पर शायद चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए शीघ्र एम्स निर्माण की अधिसूचना जारी करने की घोषणा कर दी गयी। हो सकता है इसका शिलान्यास भी निकट भविष्य में हो जाय जैसा कि हर चुनाव से पहले बड़े बड़े शिलान्यास होते आये हैं, पर मूलभूत बाधाओं को दूर किये बिना घोषणा एवं शिलान्यास के बाबजूद एम्स के निर्माण पर संशय अवश्य कायम रहेगा।

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