
बिरला ओपन माइंडस प्रीस्कूल का हुआ भव्य उद्घाटन।
दरभंगा : एक स्कूल का पहला काम बच्चों का सर्वागीण विकास करना है। बच्चों को एक ही प्रकार से बनाना नहीं चाहिए। अब वह समय नहीं रहा है, जब कहा जाता था कि पढ़-लिखकर बड़े आदमी बन सकते हैं। अब स्थिति बदल गई है। आज के समय में खिलाड़ी ही बेहतर स्थिति में है। ये उक्त बातें शहर के सिंधी कटहलवाड़ी स्थित सिंधी टोला में बिरला ओपन माइंडस प्रीस्कूल का दरभंगा में उद्घाटन करते हुए अमिताभ वर्मा ने कही। साथ ही अमिताभ वर्मा ने कहा कि बच्चे वहीं काम करें, जिसमें उसकी खुशी हो। खुशी का मतलब ये नहीं है कि वे दूसरे को तंग करके खुश हो। बच्चों में विश्वास पैदा करना चाहिए। आजकल देखा जा रहा है कि विश्वास की कमी के कारण अच्छे बच्चे ही आत्महत्या कर रहे हैं। बिरला ओपन माइंडस स्कूल इन सब बातों का ध्यान रख करके बच्चों का समुचित विकास करेंगे। अभिभावक व बच्चों को संबोधित करते हुए बिरला ओपन माइंडस के रिजनल आॅप्रेशन प्रबंधक रवि रंजन ने कहा कि दरभंगा में ये मेरा पहला स्कूल है, जल्द ही दरभंगा में बिरला की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोला जाएगा। यहां पर पढ़ाने वाले शिक्षकों को मुबंई से ट्रेनिंग
दी जाएगी। बिरला का 18 राज्यों में स्कूल है। बिरला बच्चों को स्किल बेस्ड शिक्षा देते हैं। बिरला स्कूल का मकसद केवल पढ़ाई करवाना नहीं है। बल्कि, बच्चों के संपूर्ण विकास पर ध्यान देते हैं। रामनंदन सिहं ने कहा कि बच्चों का जीवन महत्वपूर्ण है। बिरला ओपन स्कूल बच्चों
की क्षमता का समुचीत विकास करेंगे। वहीं लक्ष्मीवेश्वर चौबे ने कहा कि बिरला स्कूल बच्चों को सही ज्ञान देकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में भेजेंगे। एसके दास ने कहा कि स्कूल की खास बात ये है कि शहर के बीचों-बीच रहते हुए भी स्कूल वायु प्रदूषण से मुक्त है। दरभंगा बिरला ओपन माइंडस स्कूल की निदेशक डाॅ. सुषमा कुमारी ने कहा कि रिसर्च के आधार पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। अंत में डाॅ. सुषमा कुमारी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

