
131 फीट ऊंचा और 51 तल्ला महावीरी झंडा महोत्सव संपन्न।
जाले : रेवढ़ा महावीरी झंडा महोत्सव भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गया। सनद रहे कि यह महोत्सव 39 वर्षों से आयोजित हो रहा है। महोत्सव स्थल पर आधा दर्जन गांव से अलग-अलग जुलुस की शक्ल में सैकड़ों श्रद्धालु बांस का बना महावीरी पताका के साथ परंपरागत हथियारों का करतब करते हुए जय शिव-जय शिव, जय बजरंग बली का उद्घोष करते हुए पहुंचते हैं। महोत्सव में सीमावर्ती सीतामढी जिला के नानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिनगर, टोलवा, पटेल नगर आदि गांव से भी श्रद्धालु
पहुंचते हैं। इस अवसर पर 131 फीट ऊंचा 51 तल्लों का महावीरी झंडा निकाला जाता है। जिसमें विभिन्न तल्लों पर देवी-देवताओं की मूर्ति विराजमान रहती है। नीचले तल्ले पर हनुमंत लला के साथ भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को प्रवचन देते हुए स्वरूप में विराजमान दिखाये गये हैं। महोत्सव में सीमावर्ती राष्ट्र नेपाल से भी बड़ी संख्या में दर्शनार्थी पहुंचते है। वहीं सीतामढ़ी, मधुबनी, मुज्जफरपुर, दरभंगा, जिला के गांव के अखाड़ा समिति के खिलाड़ी, झरनी नृत्य बांस के बने विशेष तरह के वाद्य यंत्र के लय पर वृत्याकार नृत्य करते हुए बजरंग बली के जीवनगाथा को लयबद्ध प्रस्तुत करते हैं। मेला के सुरक्षा-व्यवस्था में आधे दर्जन थानों की पुलिस के साथ-साथ यातायात पुलिस उपाधीक्षक वीरजू पासवान, कमतौल पुलिस निरीक्षक बसंत कुमार झा, कमतौल थानाध्यक्ष सरबर आलम के अलावा जाले अंचलाधिकारी अनिल कुमार
मिश्र, प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कमलदेव प्रसाद, पूर्व विधायक रामनिवास प्रसाद, प्रमुख फूलो बैठा, उप प्रमुख अब्दुल राजिक, महोत्सव के अध्यक्ष राम विलास राम, सचिव शशिरंजन प्रसाद चुनचुन आदि उपस्थित थे।

