
लोजपा ने जिले की चार सीटों पर बताया अपना नैतिक दावा, पाँचवें को बताया परंपरागत सीट।
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दरभंगा: दिल्ली के चुनाव परिणाम में भाजपा की जबरस्त हार की खबर आते ही एनडीए के सहयोगी दलों की भौहें तननी शुरू हो गयी है। मंगलवार को ही सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी ने दरभंगा जिले के दस विधानसभा सीटों में से पांच पर अपना दावा ठोक दिया है।
दरभंगा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोजपा के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉ0 शाहनवाज अहमद कैफ़ी
दरभंगा के दस में पांच विधानसभा सीटों पर अपना दावा बताया। उनका तर्क था कि जिले के जिन चार सीटों पर जदयू एवं भाजपा के विधायक नही है, उनपर लोजपा का नैतिक दावा बनता है। इनमें बहादुरपुर, दरभंगा ग्रामीण, अलीनगर एवं केवटी शामिल है। इसके अलावा हायाघाट के विषय मे उन्होंने बताया कि वहां से वे खुद एवं आरके चौधरी चुनाव लड़ते आये हैं। इसलिए यह परंपरागत सीट है। हालांकि हायाघाट पर कोई बात तीनो दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब बैठेंगे तो उस समय इसपर फैसला होगा।
बताते चले कि वर्तमान में जिले में एनडीए की तरफ से भाजपा के दो एवं चार जदयू विधायक हैं जबकि लोजपा का एक भी विधायक नही है। ऐसे में यदि जदयू के चार सीटिंग विधायक हैं तो निश्चित रूप से जदयू कम से कम चार सीट लेगा ही। वहीं भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है तो निश्चित रूप से जदयू से कम सीट मिथिलांचल की हृदयस्थली कही जाने दरभंगा में नही ही लेगी। इन समीकरणों को देखते हुए ऐसे में लोजपा का चार सीटों पर भी दावा करती है तो इसका सीधा मतलब वे इस क्षेत्र में खुद को जदयू के बराबरी ताकत मान रही है, जबकि भाजपा को गठबन्धन के तीसरे दर्जे की पार्टी।
अब ऐसे यह देखने वाली बात होगी कि लोजपा के इस दावे भाजपा की कोई प्रतिक्रिया भी आती है या फिलहाल परिस्थितियों की मजबूरी को देखते हुए चुपचाप ही रहती है।

