
न्यायालय ने डीएम पर लगाया जुर्माना, मुख्य सचिव को पत्र।
दरभंगा: दरभंगा व्यवहार न्यायालय द्वारा इनदिनों न्याययिक मामलों में आदेशों अनसुना करने वाले अधिकारियों पर सख्ती देखी जा रही है। बुधवार को यह सख्ती दरभंगा के डीएम पर भी देखने को मिली है। सात वर्षों से अभियोजन साक्ष्य पर चल रहे 13 वर्ष एक पुराने मामले में अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने को लेकर और समाहर्ता को किए गए अर्थदंड की राशि अदालत में जमा नहीं करने के विरुद्ध प्रथम एडीजे संजय अग्रवाल की कोर्ट ने मुख्य सचिव बिहार को निर्देशित किया है कि जिला समाहर्ता के वेतन से 1000 कटौती कर अर्थदंड के रूप में न्यायालय ने 5 मार्च तक जमा करा दें। एडीजे श्री अग्रवाल ने 5 दिसंबर 2019 को दरभंगा जिला समाहर्ता
को एक हजार रुपया अर्थदंड लगाया था। जिसकी सूचना सहायक अभियोजक के द्वारा लोक अभियोजक को दिया गया। लोक अभियोजक ने गत 18 जनवरी 2019 को सूचित किया है कि उन्होंने जिला समाहर्ता को दण्ड की
राशि न्यायालय में जमा करने हेतु सूचित कर दिया है। इसके बावजूद 19 फरवरी 20 तक नहीं किए जाने के संबंध में लोक अभियोजक द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। जिससे प्रतीत होता है कि जिला समाहर्त्ता को न्यायिक आदेश अनुपालन की इच्छाशक्ति नहीं है। जिसे कोर्ट न्यायिक आदेश का इरादतन अनुपालन नहीं करना और किया जाना माना है।

