Home Featured वेल्लोर में फंसे गम्भीर बीमार मरीज के परिजनों को निर्गत किया गया पास।
Featured - मुख्य - April 9, 2020

वेल्लोर में फंसे गम्भीर बीमार मरीज के परिजनों को निर्गत किया गया पास।

दरभंगा: कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लॉक डाउन में न सिर्फ कोरोना बल्कि दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को भी भारी कठिनायों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा ही एक मामला जिले के केवटी प्रखंड के रनवे गांव का है.

वहां 30 वर्षीय चंद्रमणि चंद्र बोन मैरो की गंभीर बीमारी से पीड़ित है. वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल में जांच करवाने पर डॉक्टरों ने उसे बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी.लॉक डाउन की वजह से उसके परिजन वहां नहीं पहुंच पा रहे थे. पीड़ित व्यक्ति ने कई बार प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक से गुहार लगाई. सोशल मीडिया के माध्यम से यह खबर वॉयस ऑफ दरभंगा तक भी पहुँची। वॉयस ऑफ दरभंगा ने भी इसकी आधिकारिक पड़ताल की। साथ ही सम्बंधित अधिकारियों से इस संबंध में सुचित करते हुए जानकारी माँगी गयी तो ऐसी परिस्थिति में पास निर्गत की व्यवस्था बतायी गयी।
इसके बाद आखिरकार उसके परिजन दरभंगा डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम से मिले. डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों के वेल्लोर जाने का पास बनवाया. दरअसल लाकडाउन के पहले ही चंद्रमणि जांच के लिए तमिलनाडु के वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल गए थे. इसी बीच कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश में लाकडाउन हो गया.
उसकी जांच रिपोर्ट आई तो डॉक्टरों ने उसे तुरंत बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी. डॉक्टरों ने उसके सभी भाई-बहनों को अस्पताल बुलाया ताकि बोन मैरो मैच करा कर पीड़ित का इलाज किया जा सके. लॉक डाउन की वजह से दरभंगा में फंसे परिजनों ने डीएम से मुलाकात की.
डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों का वेल्लोर तक जाने और वापस आने के लिए विशेष पास जारी किया. इस पहल पर परिजन डीएम और सरकार का आभार जताते नहीं थक रहे हैं. इधर पीड़ित चंद्रमणि के भाई नागमणि झा बताते हैं कि उसका भाई जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. उसने कई बार सरकार से मदद की गुहार लगाई थी.
आखिरकार मदद मिली और डीएम ने बिना किसी परेशानी के वेल्लोर जाने तक का पास बना दिया है. अब उन्हे उम्मीद है कि वो अस्पताल पहुंच कर चंद्रमणि की जान बचा सकते हैं. वहीं दरभंगा डीएम डॉ. त्यागराजन ने कहा कि पीड़ित चंद्रमणि के इलाज के लिए परिजनों को वेल्लोर पहुंचने और वहां से आने के लिए विशेष पास बनवा दिया गया है.
हालांकि साथ ही यह शर्त भी रखी गई है कि जाने के पहले वे सभी कोरोना की जांच करवाकर जाएंगे और वापस आने के बाद भी उनकी जांच होगी. इसके अलावे उन्हें 14 दिनोंं के लिए क्वारेंटाइन में रखा जाएगा.

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